अमेरिका के मिडटर्म इलेक्शन में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की करारी हार के बाद पश्चिम एशिया (Middle East) में राजनीतिक सरगर्मी काफी बढ़ गई है। चुनाव परिणामों के तुरंत बाद ईरान में एक बेहद आक्रामक और चर्चित पोस्टर सुर्खियों में आ गया है। इस पोस्टर पर साफ-साफ ‘We Will Kill Trump’ (हम ट्रंप को मार देंगे) लिखा हुआ है। पोस्टर में डोनाल्ड ट्रंप को लोहे की सलाखों के पीछे कैद और दुखी मुद्रा में खड़ा दिखाया गया है, जिसमें वे एक हाथ से रॉड पकड़े नजर आ रहे हैं। यह सनसनीखेज पोस्टर ईरान की राजधानी तेहरान के प्रमुख एंघेलाब चौक पर लगाया गया है। इस पोस्टर में ट्रंप के ठीक बगल में इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की तस्वीर लगाई गई है, जिस पर क्रॉस का निशान बना हुआ है। इसके अलावा अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ की तस्वीर भी इस पोस्टर में शामिल है। दूसरी ओर, इजराइल के राजनीतिक हालात भी ऐसे हैं कि वहां नेतन्याहू भी आसानी से सरकार बनाने की स्थिति में नजर नहीं आ रहे हैं।
📱 भारतीय स्थित ईरानी दूतावास का वीडियो वायरल; ट्रंप को खतरनाक अपशिष्ट के डस्टबिन में डालते हुए दिखाया गया
सोशल मीडिया वार और वीडियो के मायने:
- दूतावास का वीडियो: इसी बीच, भारत स्थित ईरानी दूतावास के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से एक नया और व्यंग्यात्मक वीडियो पोस्ट किया गया है।
- डस्टबिन में ट्रंप: इस वीडियो में डोनाल्ड ट्रंप को ‘Hazardous Waste’ (खतरनाक अपशिष्ट) के एक डस्टबिन में डालते हुए दिखाया गया है, जिसके कैप्शन में ‘US Midterm Elections’ लिखा गया है।
- डेमोक्रेटिक नेताओं का जिक्र: वीडियो क्लिप में कुछ डेमोक्रेटिक नेताओं को भी दर्शाया गया है, जो कथित तौर पर ट्रंप को व्हाइट हाउस से बाहर निकालकर कचरे के डिब्बे में डालते नजर आ रहे हैं।
📉 ईरान से जंग और महंगाई बनी ट्रंप की हार की मुख्य वजह; एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट में खुलासा
चुनाव हारने के आंतरिक कारण:
- महंगाई का सबसे बड़ा मुद्दा: ‘एसोसिएटेड प्रेस’ (AP) के ताजा और विश्लेषणात्मक आकलन के अनुसार, मिडटर्म इलेक्शन में ट्रंप की पार्टी की हार की सबसे बड़ी और अहम वजह देश में आसमान छूती महंगाई है।
- नाबालिग साबित हुए चुनावी वादे: अमेरिका के आम नागरिक रिकॉर्ड तोड़ महंगाई से बुरी तरह परेशान हैं। चुनाव प्रचार के दौरान ट्रंप ने महंगाई पर काबू पाने के लिए कई बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन धरातल पर इसे रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान के साथ चल रहे तनाव और युद्ध जैसे हालातों के कारण अमेरिकी अर्थव्यवस्था और महंगाई पर नियंत्रण पाना सरकार के लिए असंभव साबित हुआ, जिसका खामियाजा चुनावों में भुगतना पड़ा।
🤝 हार के तुरंत बाद ट्रंप के बड़े कूटनीतिक फैसले; ईरान पर हमले से इनकार और इजराइल की मदद में कटौती
ट्रंप के नए ऐलान और नीतियां:
- ईरान से बातचीत के संकेत: चुनाव में हार के तुरंत बाद डोनाल्ड ट्रंप ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति को लेकर बड़े और अहम फैसले लिए हैं। ‘फाइनेंशियल टाइम्स’ से बातचीत करते हुए ट्रंप ने स्पष्ट किया कि फिलहाल ईरान पर सीधे सैन्य हमले का कोई इरादा नहीं है, बल्कि अमेरिका पहले ईरान से बातचीत करेगा और उसके बाद ही कोई अगला कदम तय किया जाएगा।
- इजराइल की सहायता राशि पर रोक: इसके साथ ही, ट्रंप ने इजराइल को दी जाने वाली भारी-भरकम आर्थिक सहायता में कटौती करने का बड़ा ऐलान किया है। अब तक अमेरिका इजराइल को हर साल करीब 4 बिलियन डॉलर की सहायता राशि देता था, जिसे अब तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया है।

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