जबलपुर। त्योहारी सीजन में शहर की छोटी-बड़ी दुकानों पर मेवे, मावे और अन्य सामग्रियों से मिठाइयां तैयार करने का दौर जोरों पर है, और आकर्षक डिब्बों में इनकी पैकिंग भी की जा रही है। लेकिन इस चमक-दमक के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि ग्राहक जो मिठाई अपने घर ले जा रहा है, वह सुरक्षित कितने समय तक रहेगी। शहर की तीन बड़ी दुकानों (चंद्रकला स्वीट्स, बड़कुल स्वीट्स और हीरा स्वीट्स) की स्थिति के मुताबिक, पहले से पैक खाद्य पदार्थों पर तो तारीख की जानकारी दर्ज मिलती है, लेकिन ग्राहक के सामने खुली मिठाई तौलकर डिब्बे में भरकर देने पर ऐसी कोई जानकारी नहीं दी जाती। संचालकों का तर्क है कि डिब्बे पर तारीख लिखना संभव नहीं है, जबकि रक्षाबंधन से लेकर दीपावली तक ऐसी कई शिकायतें सामने आने के बावजूद खाद्य एवं विभाग के अधिकारी नियम न होने का हवाला देकर कार्रवाई से बचते नजर आते हैं।
🔍 FSSAI के नियम और खाद्य विभाग की सुस्ती: जानिए क्या हैं प्रावधान और ग्राहकों को किन बातों का रखना चाहिए ध्यान
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के 7 नवंबर 2023 के निर्देशों के अनुसार, खुली या बिना पैकिंग वाली मिठाइयों के कंटेनर या डिब्बे पर “बेस्ट बिफोर” (Best Before) तारीख लिखना अनिवार्य श्रेणी में नहीं रखा गया है, जबकि पहले से पैक डिब्बों पर यह लेबलिंग करना जरूरी है। हालांकि, त्योहारों के समय विभाग की जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करने की होती है कि मावा, खोया और घी जैसी सामग्रियां पूरी तरह सुरक्षित हों और स्वच्छता मानकों का पालन किया जाए। विशेषज्ञों का सुझाव है कि ग्राहकों को खुद भी मिठाई खरीदते समय उसकी ताजगी, रंग, गंध की जांच करनी चाहिए और बिल जरूर लेना चाहिए ताकि किसी भी गड़बड़ी की स्थिति में शिकायत दर्ज कराई जा सके।

More Stories
CM Mohan Yadav Ujjain Visit: सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को मिली रफ्तार, महर्षि वाल्मीकि धाम में शिलान्यास
Indore Municipal Corporation Action: महापौर पुष्यमित्र भार्गव के निर्देश पर चालानी कार्रवाई शुरू, जल संरक्षण के लिए बड़ा कदम
Katni Jalpa Devi Road Incident: आदतन अपराधी लल्ला पंडित ने वारदात को दिया अंजाम, इलाके में दहशत का माहौल