रायसेन। देश के ग्रामीण अंचलों में शिक्षा व्यवस्था की पोल खोलती तस्वीरों के बीच रायसेन जिले से एक बेहद प्रेरणादायक और अनूठी तस्वीर सामने आई है। जिला मुख्यालय से करीब 113 किलोमीटर दूर मेघा डैम के पास स्थित दुर्गम गांव ‘कोंडा देवरी’ में ‘साधना विद्यास्थली’ नाम का ओपन स्कूल संचालित हो रहा है। इस स्कूल की स्थापना किसी और ने नहीं बल्कि हैदराबाद में 16 लाख रुपये के सालाना पैकेज वाली नौकरी को ठुकराने वाले शशि भूषण सिंह ने साल 2013 में की थी। इस नेक मुहिम में उनके साथ जतिन अनेजा और पुष्पेंद्र पटेल जैसे कई युवा भी जुड़कर बच्चों को संवार रहे हैं।
🌳 न कोई फीस, न किताबों का बोझ: खेल-खेल और हरियाली के बीच सीख रहे जीवन के व्यावहारिक हुनर
साधना पथ जैविक फार्म के परिसर में चल रहे इस स्कूल में करीब 35 से 40 आदिवासी और जरूरतमंद बच्चे मुफ्त शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। यहां बच्चों से कोई फीस नहीं ली जाती और उन्हें स्टेशनरी, यूनिफॉर्म समेत सभी चीजें मुफ्त दी जाती हैं। पारंपरिक शिक्षा के बोझ से दूर यह स्कूल बच्चों को प्रकृति, गोशाला और खेती-किसानी से जोड़ता है। छात्र विवेक, आंशिक और नितेश बताते हैं कि यहां पढ़ाई बिल्कुल बोझ नहीं लगती बल्कि खेल-खेल में सीखने का माहौल मिलता है, जिससे उनका स्कूल जाने का हमेशा मन करता है।

More Stories
MP Urban Administration Scam: 300 की लाइट 11 हजार में खरीदने के मामले में सख्त हुई सरकार, दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई
Carbide Gun Ban Gwalior: एसपी धर्मवीर सिंह का सख्त निर्देश, सोशल मीडिया रील्स और ऑनलाइन बिक्री पर भी रहेगी पैनी नजर
Kuno Sangharsh Samiti Protest: श्योपुर रेलवे स्टेशन के बजट में कटौती के खिलाफ प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम सौंपा गया ज्ञापन