छतरपुर। जिला मुख्यालय से लगभग 50 किलोमीटर दूर हरपालपुर क्षेत्र स्थित अनुसूचित जाति छात्रावास में व्यवस्थाओं की बदहाली और पदीय कर्तव्यों में लापरवाही बरतने पर कलेक्टर मृणाल मीणा ने कड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया है। कलेक्टर ने छात्रावास अधीक्षक इंद्रपाल अहिरवार को शासकीय कार्यों में घोर लापरवाही, गंदगी और अनुशासनहीनता के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
🍱 मेनू के हिसाब से नहीं मिल रहा था पोषणयुक्त भोजन: गंदगी और गायब रिकॉर्ड देख भड़के कलेक्टर
प्रशासन को लंबे समय से छात्रों द्वारा घटिया भोजन, परिसर में पसरी गंदगी और अधीक्षक की लगातार अनुपस्थिति की शिकायतें मिल रही थीं। इससे पहले प्रशासनिक टीम की जांच में शिकायतें सही पाई गई थीं। शुक्रवार को जब कलेक्टर मृणाल मीणा ने स्वयं हॉस्टल के किचन और कमरों की गहन पड़ताल की, तो वहां भारी गंदगी और अनियमितताएं देखने को मिलीं। मध्य प्रदेश सिविल सेवा नियमों के तहत इसे गंभीर कदाचरण मानते हुए कलेक्टर ने मौके पर ही निलंबन के आदेश जारी कर दिए।
🚫 फर्जी दिव्यांगता प्रमाण पत्र से नौकरी पाने वाली शिक्षिका बर्खास्त: मेडिकल बोर्ड की जांच के बाद DEO ने लिया एक्शन
छतरपुर जिले के शाला जुनवानी में पदस्थ शासकीय प्राथमिक शिक्षिका सविता पटेल की नियुक्ति को जिला शिक्षा अधिकारी पी.के. रैकवार ने निरस्त कर दिया है। 30 मार्च 2023 को श्रवण बाधित दिव्यांग श्रेणी के तहत नियुक्त हुई शिक्षिका का मेडिकल बोर्ड सागर से पुनर्मूल्यांकन कराया गया था, जिसमें वे दिव्यांग नहीं पाई गईं। जांच रिपोर्ट सामने आते ही शिक्षा विभाग ने फर्जीवाड़े पर कार्रवाई करते हुए उनकी सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी हैं।

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