October 17, 2026

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Shahdol Hospital Incident: सिविल सर्जन डॉ. शिल्पी सराफ ने दी सफाई, कहा— बिना सूचना अंदर जाने के कारण हुई घटना

शहडोल। मध्य प्रदेश के शहडोल जिला अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ इलाज कराने के लिए पहुँचे एक मरीज के साथ ऐसी घटना घटी कि वह ओपीडी के कमरे में ही घंटों कैद होकर रह गया। अंदर बंद होने के कारण जब उसे भारी घबराहट हुई और सांसें फूलने लगीं, तब उसने मदद के लिए गुहार लगाई। काफी देर बाद सुरक्षा गार्ड द्वारा ताला खोले जाने के बाद उसे बाहर निकाला जा सका। इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

🚻 बाथरूम गए मरीज को बिना देखे गार्ड ने लगाया ताला: अनूपपुर से इलाज कराने आया था युवक

प्राप्त जानकारी के अनुसार, अनूपपुर जिले के बिजुरी निवासी मोहम्मद अमजद शहडोल जिला अस्पताल में अपना इलाज कराने पहुँचे थे। वे ओपीडी के कमरा नंबर 14 में डॉक्टर को दिखाने गए थे। इसी दौरान बिना किसी को सूचना दिए वे बाथरूम चले गए और जब लौटे, तो कमरा खाली हो चुका था। अस्पताल स्टाफ ने बिना ठीक से जाँच किए बाहर से ओपीडी कक्ष में ताला लगा दिया। कमरे के भीतर खुद को कैद पाकर मरीज की सांसें फूलने लगीं और वह गेट के सामने ही बैठकर मदद का इंतजार करने लगा। काफी देर बाद गार्ड की नजर पड़ने पर ताला खोला गया।

👩‍⚕️ सिविल सर्जन डॉ. शिल्पी सराफ की सफाई: ओपीडी बंद होने का समय और सुरक्षा कारणों का दिया हवाला

इस पूरे घटनाक्रम पर स्पष्टीकरण देते हुए जिला अस्पताल की सिविल सर्जन डॉ. शिल्पी सराफ ने बताया कि ओपीडी का निर्धारित समय सुबह 9 से दोपहर 2 बजे और शाम 5 से 6 बजे तक का है। दोपहर 2 बजे ओपीडी समाप्त होने के बाद सुरक्षा की दृष्टि से कक्षों को लॉक कर दिया जाता है। उन्होंने बताया कि 16 अक्टूबर 2026 को दोपहर करीब 2 बजे व्यक्ति के बाथरूम में चले जाने और जानकारी न होने के कारण गार्ड ने वार्ड बंद कर दिया था। सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई कर उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था।

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