October 14, 2026

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Mandla Migratory Birds: प्रकृति के मौसम वैज्ञानिक ‘उडला’ पक्षी, मंडला में बनाते हैं तूफानों को झेलने वाले मजबूत घोंसले

हजारों किलोमीटर का सफर, आसमान की अनंत ऊंचाइयां और सीमाओं की बंदिशों से बेखबर विदेशी प्रवासी पक्षी मध्य प्रदेश के मंडला जिले में अपना आशियाना बनाकर रह रहे हैं। प्रकृति के इशारे पर एक देश से दूसरे देश तक उड़ान भरने वाले नन्हे परिंदे ‘उडला’ यानी एशियन ओपनबिल (Asian Openbill) हर साल जून के पहले सप्ताह में मंडला जिले के खुकसर गांव में मेहमान बनकर आते हैं। नदियों का कलकल बहता पानी, अनुकूल वातावरण और प्रचुर मात्रा में भोजन की उपलब्धता के कारण ये पक्षी यहां अक्टूबर महीने के अंत तक प्रवास करते हैं।

🌧️ मौसम वैज्ञानिकों से भी सटीक भविष्यवाणी: पक्षियों के आगमन से ग्रामीण लगाते हैं अच्छी बारिश का अनुमान

स्थानीय ग्रामीणों का मानना है कि इन पक्षियों के आते ही क्षेत्र में खुशहाली और अच्छी बारिश का दौर शुरू हो जाता है। दावा है कि इनके आगमन के एक सप्ताह के भीतर ही वर्षा प्रारंभ हो जाती है। इसके अलावा, ये पक्षी गांव के एक निश्चित पेड़ का चयन कर इतना मजबूत घोंसला बनाते हैं कि आंधी और तूफान भी उसे नुकसान नहीं पहुंचा पाते। पक्षी विशेषज्ञ राजीव मिश्रा बताते हैं कि वे वर्ष 2006 से इन पक्षियों पर शोध कर रहे हैं। इनके आने का समय और लोकेशन इतनी सटीक होती है कि यह हमारे मौसम वैज्ञानिकों की भविष्यवाणी से भी अधिक सटीक साबित होती है।

🌳 अक्टूबर में ठंड शुरू होते ही उत्तर दिशा की ओर वापस उड़ जाते हैं परिंदे

वैज्ञानिक दृष्टिकोण से इन पक्षियों के आने का मुख्य कारण प्रजनन, अनुकूल वातावरण और भोजन की तलाश है। वर्षा ऋतु के समाप्त होने और अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में ठंड की आहट के साथ ही ये पक्षी अपने नवजात बच्चों के साथ पुनः उत्तर दिशा की ओर उड़ान भर लेते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इन परिंदों का मंडला आना हमारे पर्यावरण और जैव विविधता के स्वस्थ होने का प्रतीक है, जिसे संजोकर रखना हम सभी का कर्तव्य है।

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