श्योपुर। श्योपुर जिले के सरकारी स्कूलों के हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। स्थिति यह है कि कहीं ड्यूटी के समय शिक्षक शराब के नशे में धुत्त होकर स्कूल का माहौल खराब कर रहे हैं, तो कहीं शिक्षिकाएं ड्यूटी के नाम पर मोबाइल पर टाइमपास करती नजर आ रही हैं। कई ग्रामीण इलाकों के स्कूलों में तो ताले लटके रहते हैं और शिक्षक नेटवर्क की समस्या का बहाना बनाकर घर बैठे ही ऑनलाइन हाजिरी दर्ज कर रहे हैं। इन मामलों की चर्चा अभी थमी भी नहीं थी कि जिले से दो और शर्मसार करने वाले वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए हैं, जिसमें से एक में स्वसहायिता समूह की महिला हेडमास्टर की चप्पल से पिटाई करती दिख रही है।
🥿 शासकीय उर्दू गांधी विद्यालय में चप्पल कांड, मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता को लेकर हुआ विवाद
पहला मामला शासकीय माध्यमिक उर्दू गांधी विद्यालय का है, जहां लंबे समय से चल रहा मध्याह्न भोजन (Mid-Day Meal) की गुणवत्ता का विवाद अब मारपीट में बदल गया। जानकारी के अनुसार, विद्यालय के प्रधानाध्यापक (हेडमास्टर) कमलजीत सिंह सिसोदिया के साथ स्कूल में भोजन की सप्लाई करने वाले स्वसहायिता समूह की महिला अध्यक्ष नशीर बानो ने चप्पल से मारपीट कर दी। शुक्रवार को इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हुआ।
वीडियो में महिला, प्रधानाध्यापक को चप्पल से पीटती हुई नजर आ रही है। उल्लेखनीय है कि स्कूल में दिए जाने वाले भोजन की खराब गुणवत्ता को लेकर पूर्व में भी शिकायतें सामने आई थीं और हेडमास्टर ने इस पर सवाल उठाए थे। इसके जवाब में समूह का संचालन करने वाली महिला ने भी पूर्व में वीडियो जारी कर प्रधानाध्यापक पर रिश्वत मांगने के आरोप लगाए थे।
💤 बच्चों को पढ़ाने के बजाय दरी बिछाकर सो रहे ‘मास्साब’, सोंठवा स्कूल का वीडियो भी वायरल
प्रशासनिक लापरवाही और विभागीय अनदेखी के कारण समय रहते दोनों पक्षों के बीच विवाद का समाधान नहीं कराया गया, जिससे मामला हाथापाई तक पहुंच गया। इस घटना के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग की मॉनिटरिंग प्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
इसी बीच एक अन्य वीडियो जिले के सोंठवा स्थित शासकीय माध्यमिक विद्यालय का सामने आया है। वीडियो में स्कूल के प्रभारी शिक्षक लज्जाराम शर्मा ड्यूटी के दौरान बच्चों को पढ़ाने के बजाय क्लासरूम में दरी बिछाकर खर्राटे भरते नजर आ रहे हैं। इस तरह बेफिक्र सो रहे शिक्षक ने सरकारी स्कूलों में दी जा रही शिक्षा के स्तर की पोल खोलकर रख दी है। गौरतलब है कि इससे पूर्व टर्राकलां संकुल के एक स्कूल में शिक्षक शराब के नशे में मिला था, वहीं एसडीएम गगनसिंह मीणा के निरीक्षण के दौरान एक शिक्षिका और उसका पति मोबाइल चलाते पकड़े गए थे।
📞 धरातल के बजाय दफ्तर से हो रही मॉनिटरिंग, जिला शिक्षा अधिकारी ने नहीं उठाया फोन
जिले के सरकारी स्कूलों में सुधार लाने और अध्यापकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने की प्राथमिक जिम्मेदारी जिला शिक्षा विभाग के अधिकारियों की है। परंतु लगातार सामने आ रहे शर्मनाक वीडियो और शिकायतों से साफ जाहिर है कि धरातल पर निरीक्षण शून्य है और अधिकारी दफ्तर में बैठकर कागजी मॉनिटरिंग कर रहे हैं। यही कारण है कि स्कूलों का अनुशासन पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है।
पक्ष लेने का प्रयास: मामले में विभागीय प्रतिक्रिया जानने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) यश जैन से उनके मोबाइल नंबर 8839737004 पर दो बार संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया।

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