April 19, 2026

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वित्त मंत्रालय ने अहम पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट पर 30 जून 2026 तक पूरी कस्टम ड्यूटी की माफ

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया संकट और वैश्विक सप्लाई चेन में बाधाओं के बीच केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। वित्त मंत्रालय ने आज गुरुवार को घोषणा की कि अहम पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट पर 30 जून 2026 तक पूरी कस्टम ड्यूटी माफ की जाएगी। इन प्रोडक्ट का इस्तेमाल प्लास्टिक के सामान बनाने समेत कपड़े बनाने, दवा बनाने आदि में इस्तेमाल होता है।

सरकार के इस फैसले से आम जनता को कुछ राहत मिलेगी। यह छूट 30 जून तक लागू रहेगी। इससे प्लास्टिक, पैकेजिंग, कपड़ा, दवा, रसायन, मोटर वाहन घटक तथा अन्य विनिर्माण क्षेत्रों जैसे पेट्रोरसायन ‘फीडस्टॉक’ और ‘इंटरमीडिएट’ पर निर्भर उद्योगों को लाभ मिलेगा।

मंत्रालय ने कहा कि यह कदम अस्थायी और लक्षित राहत के तौर पर उठाया गया है ताकि देश में जरूरी पेट्रोकेमिकल कच्चे माल की उपलब्धता बनी रहे, लागत दबाव कम हो और सप्लाई स्थिरता सुनिश्चित की जा सके।

इन प्रोडक्ट पर मिली छूट

एनहाइड्रस अमोनिया, टोल्यून, स्टाइरीन, डाइक्लोरोमीथेन, विनाइल क्लोराइड मोनोमर, मेथनॉल, आइसोप्रोपाइल अल्कोहल, मोनोएथिलीन ग्लाइकोल (MEG), फिनोल आदि। इनके अलावा एसिटिक एसिड, विनाइल एसीटेट मोनोमर, प्यूरीफाइड टेरेफ्थैलिक एसिड (PTA), अमोनियम नाइट्रेट, एथिलीन पॉलिमर, एपॉक्सी रेजिन, फॉर्मल्डिहाइड, यूरिया-फॉर्मल्डिहाइड, मेलामाइन-फॉर्मल्डिहाइड जैसे प्रोडक्ट भी लिस्ट में शामिल हैं।

इन सेक्टर को मिलेगा लाभ

प्लास्टिक और पैकेजिंग: कच्चे माल की लागत कम होने से पैकेजिंग इंडस्ट्री की उत्पादन क्षमता बढ़ेगी।
फार्मास्यूटिकल्स: कई दवाओं के निर्माण में पेट्रोकेमिकल इंटरमीडिएट्स का उपयोग होता है, जिससे अब दवाओं की लागत कम हो सकती है।
टेक्सटाइल: सिंथेटिक फाइबर और कपड़ों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले केमिकल्स सस्ते होंगे।
ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स: कार और बाइक के कलपुर्जों (प्लास्टिक और रबर पार्ट्स) की मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट में कमी आएगी।
केमिकल और अन्य मैन्युफैक्चरिंग: औद्योगिक रसायनों का उत्पादन करने वाली इकाइयों को बड़ी राहत मिलेगी।

सरकार का मानना है कि उद्योगों को मिलने वाली इस राहत का लाभ सीधे आम जनता तक पहुंचेगा। जब कंपनियों की प्रोडक्शन कॉस्ट कम होगी, तो बाजार में मिलने वाले अंतिम उत्पाद जैसे प्लास्टिक का सामान, कपड़े, दवाएं और वाहनों की कीमतें स्थिर रह सकती हैं या उनमें गिरावट आ सकती है।

कॉमर्स मिनिस्ट्री ने हाल ही में RoDTEP योजना के तहत ड्यूटी और टैक्स रिफंड की दरों और वैल्यू कैप को 23 मार्च से फिर बहाल किया है। इसका मकसद बढ़ते फ्रेट कॉस्ट और युद्ध से जुड़े व्यापार जोखिमों का सामना कर रहे निर्यातकों को समर्थन देना है। सरकार ने कहा है कि देश में कच्चा तेल, पेट्रोल, डीजल, ATF, LPG और LNG का पर्याप्त भंडार मौजूद है और भारत कई वैश्विक सप्लायर्स से ऊर्जा आयात कर रहा है, जिससे अल्पकालिक संकट से निपटना संभव है।

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