April 19, 2026

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16 से 18 अप्रैल तक बुलाया जाएगा संसद का विशेष सत्र, महिला आरक्षण लागू कराने के लिए बिल कराया जाएगा पारित

नईदिल्ली: बजट सत्र के समापन के बीच सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए संसद की बैठकों को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित न करने का फैसला किया है। इसके बजाय, 16, 17 और 18 अप्रैल को एक विशेष सत्र बुलाया जाएगा, जिसका उद्देश्य महिला आरक्षण को लागू करने की राह में आने वाली बाधाओं को दूर करना और संशोधन बिलों को पारित करना है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, संसद का बजट सत्र गुरुवार को अनिश्चित काल के लिए स्थगित किये जाने की संभावना नहीं है। सरकार महिला आरक्षण को लागू करते हुए लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर 816 करने के लिए एक विधेयक लाने के उद्देश्य से अप्रैल के तीसरे सप्ताह में दो-तीन दिनों के लिए फिर से बैठक बुलाने की योजना बना रही है।

इस साल 28 जनवरी को शुरू हुआ बजट सत्र दो अप्रैल को समाप्त होना था, लेकिन सरकार इसे कुछ दिनों के अंतराल के बाद दो-तीन दिन और बढ़ाने पर विचार कर रही है। सरकार का मानना है कि गुरुवार को लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा के सभापति संबंधित सदनों को स्थगित कर सकते हैं और अगली बैठक के लिए एक निश्चित तारीख की घोषणा कर सकते हैं।

सूत्रों ने बताया, ‘सदन को अनिश्चित काल के लिए स्थगित नहीं किया जाएगा, बल्कि इस घोषणा के साथ स्थगित किया जाएगा कि एक निश्चित तिथि पर फिर से बैठक होगी। हम बहुत जल्द, इसी महीने में फिर से मिलेंगे।’ सूत्रों का कहना है कि अप्रैल के तीसरे सप्ताह में दो-तीन दिनों के लिए दोनों सदनों की बैठक बुलाई जा सकती है। सरकार ने इसकी पुष्टि कर दी है। विस्तारित अवधि के दौरान, सरकार द्वारा संविधान संशोधन विधेयक पेश किये जाने की संभावना है जिसके जरिये नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन किया जाएगा।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आम सहमति बनाने के लिए पिछले दिनों में NDA के कुछ घटक दलों और विपक्ष के कुछ क्षेत्रीय दलों के नेताओं के साथ अलग-अलग बैठकें कीं। लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के प्रावधान के लिए 2023 में संविधान संशोधन विधेयक (नारी शक्ति वंदन विधेयक) पारित किया गया था, हालांकि उसे परिसीमन की प्रक्रिया के बाद ही लागू किया जा सकता है। सूत्रों का कहना है कि जिस रूपरेखा को लेकर चर्चा जारी है, उसके अनुसार लोकसभा सीटों की संख्या मौजूदा 543 से बढ़कर 816 हो जाएंगी, जिसमें 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।

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