उज्जैन: विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन की ललित कला अध्ययनशाला में कुलगुरु प्रोफेसर अखिलेश कुमार पांडेय ने विद्यार्थियों द्वारा निर्मित कलाकृतियों, रंगोली एवं उनके द्वारा चित्रित भित्ति चित्रों का अवलोकन किया। उन्होंने विद्यार्थी कलाकारों की बहुत ही प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि कुछ अलग हटकर करें और कुछ नया विचार ले कर आएँ।
कुलानुशासक प्रो. शेलेंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि वाग्देवी भवन की भित्तियों और भूमि पर विरासत से जुड़े चित्रों के साथ ही लोक और जनजातीय रूपांकन कला के दर्शन होंगे। पहले चरण में विद्यार्थी कलाकारों ने हमारी विरासत से जुड़े सांस्कृतिक प्रतीकों का मनोहारी रूपांकन किया है। इस अवसर पर माधव कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय की चित्रकला विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ अल्पना उपाध्याय उपस्थित थीं। उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा निर्मित श्रीराम लला रंगोली एवं उनकी कला कृतियों का अवलोकन किया और उनके उत्तम कार्य के लिए उनकी प्रशंसा की और उन्हें कला की बारीकियों के बारे में समझाया।
इस अवसर पर ललित कला विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो जगदीश चंद्र शर्मा, प्रो गीता नायक, कलागुरु श्री एल एन सिंहरोडिया और डॉ महिमा मरमट आदि उपस्थित थे।

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