कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा आज (7 सितंबर) से शुरू हो गई है। राहुल गांधी ने हरी झंडी दिखाकर इसका शुभारंभ किया है। यह यात्रा 12 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों से गुजरकर 3570 किलोमीटर का सफर तय करेगी। 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले इसे कांग्रेस का बड़ा दांव माना जा रहा है।
कन्याकुमारी से यात्रा शुरू कर कर राहुल गांधी ने कांग्रेस के एक नए अभियान की शुरुआत की है 2024 चुनाव के पहले इसे कांग्रेस का एक बड़ा कदम माना जा रहा है। राहुल गांधी की कन्याकुमारी से कश्मीर तक चलने वाली 150 दिनों की है। इस यात्रा को भारत जोड़ो यात्रा का नाम दिया गया है। 372 लोकसभा सीटों पर बीजेपी को मात देने के लिए इसे एक अहम कदम माना जा रहा है।
राहुल गांधी ने आज बुधवार सुबह श्रीपेरंबदूर में अपने पिता राजीव गांधी के स्मारक पर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। पिता को नमन कर श्रद्धांजलि देने के बाद यात्रा की शुरुआत कि। यहाँ राहुल ने कहा कि नफरत की वजह से मैंने पिता खोया लेकिन अब देश नहीं खो सकता। राहुल करीब डेढ़ घंटे तक श्रीपेरंबदूर में रहे। यहीं पर 1991 में राजीव गांधी की हत्या कर दी गई थी।
भारत जोड़ो यात्रा तमिलनाडु के कन्याकुमारी से केरल,आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, यूपी, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब के साथ केंद्र शासित प्रदेश कश्मीर तक जाएगी।
राहुल की यह यात्रा करीब 3570 किलोमीटर की है। 2024 में नरेंद्र मोदी को रोकने के लिए राहुल गांधी यह भारत जोड़ो यात्रा कर रहे हैं।
राहुल गांधी ने इस यात्रा को तपस्या का नाम दिया है।
राहुल गांधी का कहना है बीजेपी सरकार में किसान व्यापारियों पर अत्याचार हुआ है देश में कुछ कंपनियों का राज है। राहुल गांधी का कहना है सीधा जनता के बीच में जाकर जनता को देश की सच्चाई को बताना है जो जनता के दिल में है उसको गहराई से सुनना और समझना है इसलिए कांग्रेस पार्टी भारत जोड़ो यात्रा शुरू कर रही है।
भारत जोड़ो यात्रा में कांग्रेस लोगों को जोड़ेगी. लोगों के बीच जाकर उन्हें सच्चाई बताएगी। राहुल गांधी के साथ कई वरिष्ठ नेता साथ में रहेंगे और इस यात्रा में शामिल रहेंगे।
कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष सोनियां गांधी ने पत्र लिखकर इस यात्रा को संबोधित किया है. अपने पत्र में सोनिया ने यात्रा में शामिल नेताओं को शुभकामनाएं दी हैं तो वहीं खुद शामिल न होने पाने की असमर्थता के लिए खेद भी व्यक्त किया है। सोनिया गांधी ने अपने पत्र में लिखा है कि
ऐसे समय, जब कन्याकुमारी से लेकर कश्मीर तक कांग्रेस की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ शुरू हो रही है।तब इलाज और मेडिकल जांच के कारण में आप लोगों के बीच व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हूं. इस असमर्थता के लिए मुझे खेद है.
शानदार विरासत वाली हमारी महान पार्टी कांग्रेस के लिए यह एक ऐतिहासिक अवसर है. मुझे विश्वास है कि इससे हमारे संगठन का कायाकल्प होगा. भारतीय राजनीति के लिए यह पल परिवर्तनकारी साबित होगा.
मैं विशेष तौर पर अपने उन 120 सहयोगियों को बधाई देना चाहती हूं, जो लगभग 3600 किलोमीटर लंबी इस पदयात्रा को पूरा करेंगे. यात्रा कई राज्यों से गुजरेगी और इसमें हजारों नए लोग शामिल होंगे, उन्हें भी मेरी तरफ से शुभकामनाएं.
वैचारिक और आत्मिक रूप से मैं हमेशा ‘भारत जोड़ो यात्रा’ में शामिल रहूंगी. निश्चित ही मैं यात्रा को आगे बढ़ते हुए लाइव देखूंगी. तो आइए हम संकल्प लें, एकजुट हों और अपने कर्तव्यों पर दृण रहें. जय हिंद.
कन्याकुमीर से कश्मीर तक 3570 किलोमीटर तक चलने वाली भारत जोड़ो यात्रा के दौरान हर रोज कंटेनर के जरिए एक नया गांव बसेगा, जहां राहुल गांधी और उनके साथ चलने वाले यात्री ठहरेंगे. इसके लिए करीब 60 कंटेनर को आशियाने के रूप में तैयार किया गया है, जिन्हें ट्रकों पर रखा गया है.
यह सभी कंटेनर राहुल यात्रा के दौरान साथ नहीं चलेंगे बल्कि दिन के अंत में निर्धारित जगह पर यात्रा में शामिल लोगों के पास इन्हें पहुंचा दिया जाएगा.रात्रि विश्राम के लिए इन सारे कंटेनर को गांव की शक्ल में हर रोज एक नई जगह पर खड़ा किया जायेगा. राहुल गांधी सुरक्षा कारणों से एक अलग कंटेनर में सोएंगे, जबकि बाकी अधिकतर कंटेनरों में 12 लोग सो सकते हैं. इसी कंटेनर के गांव में सभी यात्री एक टेंट में राहुल गांधी के साथ खाना भी खाएंगे, जो पूर्णकालिक यात्री राहुल गांधी के साथ रुकेंगे वे एक साथ खाना खायेंगे और आसपास ही रहेंगे.

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