ज्योतिरादित्य सिंधिया का कांग्रेस छोड़ना पार्टी के लिए बड़ी मुसीबत बनता नजर आ रहा है। एक-एक करके कांग्रेस के विधायक भी पार्टी छोड़ रहे हैं। हाटपिपलिया से कांग्रेस विधायक मनोज चौधरी के इस्तीफे के साथ ही पार्टी छोड़ने वाले विधायकों की संख्या 22 हो गई। मनोज चौधरी से पहले 21 और विधायक पार्टी का साथ छोड़ चुके थे। अब इसके साथ ही राज्य में कांग्रेस की सरकार के भविष्य पर सवाल उठने लगे हैं।
कांग्रेस छोड़ने वाले सभी विधायक ज्योतिरादित्य सिंधिया के करीबी बताए जा रहे हैं और क्योंकि ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस छोड़ दी है इसीलिए उन्होंने भी पार्टी से बाहर निकलने का फैसला लिया। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सोनिया गांधी को त्यागपत्र लिखकर कांग्रेस को अलविदा कहा।
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया को पार्टी से निकाल दिया गया है। हमारे पास कोई दूसरा रास्ता नहीं था, पार्टी से गद्दारी करने वाले के साथ तो ऐसा ही करना पड़ेगा। बुरे वक्त में पार्टी का साथ छोड़ना सही नहीं है। मध्य प्रदेश में शायद अब हमारी सरकार नहीं रहेगी। वहीं, कांग्रेस के संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल ने कहा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया को पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते कांग्रेस से तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया गया है।
अब उन्हें निकाला गया हो या इस्तिफा स्वीकार कर लिया गया है दोनों ही स्थिति में मध्यप्रदेश में कांग्रेस की स्थिति नाजुक नजर आ रही है। मध्यप्रदेश में कमलनाथ सरकार के 22 विधायक कांग्रेस का साथ छोड़ चुके है। यहां तक कि कार्यकर्ता और पार्षद जो सिंधिया खेमें के वह भी कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तिफा दे रहे है। होली के दिन मध्यप्रदेश में इस्तिफों का दौर निरंतर जारी है।

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