जलवायु परिवर्तन की वजह से आइसलैंड में पहली बार एक ग्लेशियर गायब हो गया। इसका नाम ओकजोकुल था। इस घटना के साथ ही कई अन्य ग्लेशियरों के भी खत्म होने की आशंका बढ़ गई है। इसे धरती के लिए खतरनाक संकेत माना जा रहा है।
पश्चिमी आइलैंड में ओकजोकुल ग्लेशियर के खत्म होने पर स्थानीय लोगों ने अंतिम संस्कार जैसी रस्म अदा की। आइसलैंड के प्रधानमंत्री कैटरीन जकोबस्डोटिर, यूएन ह्यूमन राइट्स कमिश्नर मैरी रॉबिनसन, रिसर्चर्स, छात्र और अन्य लोग अंतिम संस्कार सेरेमनी में शामिल हुए।
इस मौके पर प्रधानमंत्री कैटरीन ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि आखिरी सेरेमनी न सिर्फ आइसलैंड के लोगों के लिए, बल्कि पूरी दुनिया के लिए प्रेरक होगी। क्योंकि हम यहां जो देख रहे हैं वह क्लाइमेट चेंज का सिर्फ एक चेहरा है।
वैज्ञानिकों का कहना है कि आइसलैंड के दर्जनों ग्लेशियरों के पिघलने का खतरा दिखाई दे रहा है। बर्लिन यूनिवर्सिटी के एक प्रोफेसर जुलियन वीस ने कहा कि किसी ग्लेशियर को गायब होते देखना ऐसी घटना है जिसे आप सीधे महसूस कर सकते हैं और समझ सकते हैं। प्रोफेसर जुलियन ने कहा कि आप क्लाइमेट चेंज को रोज महसूस नहीं करते, एक इंसान के तौर पर देखें तो यह बहुत धीरे हो रहा है, लेकिन भौगोलिक पैमाने पर यह काफी तेज है। (एंजेसी के सौजन्य से)
खतरा! पहली बार गायब हुआ ग्लेशियर, इस कारण किया गया अंतिम संस्कार

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