उत्तर प्रदेश के उन्नाव की रेप पीड़िता, जो तीन दिन पहले हुए सड़क हादसे में गंभीर रूप से ज़ख्मी होने के बाद से ज़िन्दगी और मौत के बीच झूल रही है और उसके परिवार का आरोप है कि यह एक्सीडेंट रेप के आरोपी जेल में बंद बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर ने ही करवाया था, के मामले में सामने आया है कि पीड़िता के परिवार द्वारा इस केस को उत्तर प्रदेश से बाहर स्थानांतरित करने के लिए दी गई अर्ज़ी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।
पीड़िता और उसके परिवार ने देश के प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई को कुलदीप सिंह सेंगर और उसके द्वारा भेजे गए लोगों की ओर से मिल रही धमकियों के बारे में खत लिखा था। उनका आरोप था कि उन पर केस वापस लेने के लिए बहुत ज़्यादा दबाव डाला जा रहा है। सीजेआई ने शीर्ष अदालत की रजिस्ट्री को खत से जुड़ी सारी जानकारी दाखिल करने का निर्देश दिया है।
पीड़िता का आरोप है कि कुलदीप सिंह सेंगर और उसके सहायकों ने वर्ष 2017 में उसके साथ रेप किया था, जब वह उनके पास नौकरी मांगने गई थी। उसने अपने आरोप अप्रैल, 2018 में सार्वजनिक किए थे, जब उसने धमकी दी कि अगर पुलिस ने उसका केस दर्ज नहीं किया, तो वह लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आवास के बाहर आत्महत्या कर लेगी।
कोर्ट तय नहीं, बस, लंबित पड़ा है उन्नाव रेप पीड़िता का केस

More Stories
उज्जैन कलेक्टर कार्यालय एवं जिला पंचायत कार्यालय दमदमा में शुरू हुई एमपी ई-सेवा हेल्प डेस्क
साधना सप्ताह में देश में तृतीय स्थान अर्जित करने पर जनसंपर्क विभाग को एमएसएमई मंत्री काश्यप ने सिविल सेवा दिवस पर किया पुरस्कृत
देवास पुलिस की नवाचार पहल “पुलिस चौपाल” को सीएम एक्सीलेंस अवार्ड