April 19, 2026

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सौदे की अधूरी सच्चाई पेश कर रहे याचिकाकर्ता : रक्षा मंत्रालय

राफेल डील मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर पुनर्विचार याचिकाओं पर मोदी सरकार को झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने बुधवार को अपने फैसले में कहा कि इस मामले में याचिकाकर्ता द्वारा गोपनीय दस्तावेजों की फोटोकापी के आधार पर जो पुनर्विचार याचिकाएं लगाई गई हैं उन पर सुनवाई होगी। हालांकि, रक्षा मंत्रालय ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा है कि याचिकाकर्ताओं ने जानबूझकर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामले में आंतरिक गुप्त विमर्श की चुनिंदा और अधूरी जानकारी पेश की है।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार याचिकाकर्ताओं ने जो दस्तावेज पेश किए उनमें यह नहीं बताया गया है कि कैसे कुछ मामलों को समझकर उनका निपटारा किया गया। न ही उनमें योग्य अधिकारियों की स्वीकृति की जानकारी है। दस्तावेज में रिकॉर्ड्स और तथ्य की भी अधूरी जानकारी दी गई है। मंत्रालय ने कहा है कि सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को पहले ही सारी जरूरी जानकारी मुहैया कराई थी। इसके अलावा सीएजी को भी सभी रिकॉर्ड्स और फाइल्स दी गईं। सरकार को सिर्फ राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील और गुप्त जानकारी के सार्वजनिक होने की चिंता है। केंद्र ने कहा था कि भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 123 के तहत विशेषाधिकार वाले गोपनीय दस्तावेजों को पुनर्विचार याचिका का आधार नहीं बनाया जा सकता। सुप्रीम कोर्ट ने इस आपत्ति पर अपना फैसला 14 मार्च की सुनवाई के बाद सुरक्षित रख लिया था।

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