केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बुधवार को विपक्षी दलों द्वारा कर्नाटक और मध्य प्रदेश में आयकर विभाग की छापेमारी को सियासी बदले की भावना से प्रेरित कार्यवाही बताने के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष द्वारा वेंडेट्टा का दावा कभी भी भ्रष्टाचार का बचाव नहीं हो सकता है। आयकर विभाग निष्पक्ष रूप से केवल सबूतों के आधार पर छापेमारी अभियान चलाता है।
आयकर विभाग ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के करीबियों के ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया था। विभाग ने कर्नाटक में जेडीएस के एक मंत्री और तमिलनाडु में एक वरिष्ठ डीएमके नेता के ठिकानों पर छापेमारी की थी। लोकसभा के चुनावी मौसम में उक्त छापेमारियां हवाला के जरिए रकम की संदिग्ध आवाजाही और कर चोरियों के सिलसिले में की गई थीं।
इन छापेमारियों को लेकर विपक्षी दलों में गहरी नाराजगी है। कांग्रेस समेत विपक्षी दलों का आरोप है कि यह छापेमारियां राजनीति से प्रेरित हैं। इन छापों के सिलसिले में चुनाव आयोग ने राजस्व सचिव अजय भूषण पांडेय को भी एक पत्र लिखकर सलाह दी थी कि चुनाव के दौरान प्रवर्तन एजेंसियों की कोई भी कार्यवही और गैर-भेदभावपूर्ण होनी चाहिए। आयोग ने यह भी कहा था कि छापेमारी की कार्रवाइयों में चुनाव पैनल के अधिकारियों को भी भरोसे में लिया जाना चाहिए।
आयकर विभाग के छापों पर अरुण जेटली बोले यह

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