वाइस एडमिरल करमबीर सिंह को नौसेना का अगला प्रमुख नियुक्त किए जाने के खिलाफ वाइस एडमिरल बिमल वर्मा ने दायर अपनी याचिका को वापस ले लिया है। आर्मड फोर्स ट्रेब्यूनल ने उन्हें अपनी शिकायत के लिए पहले रक्षा मंत्रालय से संपर्क करने के लिए कहा था।
नियमों के अनुसार, वाइस एडमिरल वर्मा के पास कानूनी शिकायत दर्ज कराने से पहले रक्षा मंत्री के पास वैधानिक शिकायत दर्ज करने का विकल्प था। उन्होंने एडमिरल सुनील लांबा की जगह अगले नौसेना प्रमुख के रूप में वाइस एडमिरल करमबीर सिंह की नियुक्ति को चुनौती देने वाले न्यायाधिकरण से संपर्क किया था। नियम के अनुसार अगर वो अपनी शिकायत को रक्षा मंत्रालय द्वारा संबोधित किए जाने के बाद भी नहीं होता तो वह अदालत का दरवाजा खटखटा सकता थे।
कोर्ट ने याचिकाकर्ता से सवाल किया कि जब उनके पास रक्षा मंत्रालय जाने का विकल्प था तो उन्होंने कोर्ट का दरवाजा क्यों खटखटाया। वकील ने इसका जवाब देते हुए कहा कि उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि ये उनके पास ये विकल्प भी है। कोर्च ने संदेह का लाभ देते हुए यातिकाकर्ता को याचिका वापस लेने की अनुमति दे दी। विमल वर्मा ने एतराज जताया था कि वरिष्ठ होने के नाते एडमिरल करमबीर सिंह को नौसेना का अलगा प्रमुख क्यों नियुक्त किया जा रहा है।
एडमिरल वर्मा ने इस वजह से वापस लिया नियुक्ति के खिलाफ केस

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