नई दिल्ली। सरकार ने चुनावी चंदे के लिए इलेक्टोरल बॉन्ड स्कीम का ऐलान कर दिया है। राजनीतिक पार्टियों को बॉन्ड के जरिये चंदा देने की योजना का ऐलान पिछले बजट में किया गया था। वित्तमंत्री अरुण जेटली ने संसद में इसका ऐलान करते हुए कहा कि भारत का कोई भी नागरिक या कोई कंपनी या संस्था चुनावी चंदे के लिए बॉन्ड खरीद सकेंगे।
ये बॉन्ड स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की विशेष शाखाओं में मिलेंगे और एक हजार, 10 हजारए एक लाख और एक करोड़ रुपये के गुणक मल्टीपल में हो सकते हैं। बॉन्ड खरीदे जाने के 15 दिन तक मान्य होंगे।
सरकार ने काले धन पर रोक लगाने के लिए बॉन्ड के जरिये चंदा देने की योजना बनाई। दिलचस्प है कि बॉन्ड के लिए दानकर्ता को अपनी सारी जानकारी बैंक को देनी होगी, लेकिन बॉन्ड में दानकर्ता का नाम और पहचान गुप्त रखी जाएगी। दानकर्ता चुनाव आयोग में रजिस्टर किसी भी पार्टी को ये दान दे सकते हैं, जिस पार्टी ने पिछले चुनावों में कुल वोटों का कम से कम 1 प्रतिशत वोट हासिल किया है। वहीं चुनाव सुधारों के लिए काम कर रही संस्थाएं पहले ही दानकर्ता का नाम गुप्त रखे जाने पर नाखुशी जता चुकी हैं। उनके अनुसार नाम गुप्त रखना पारदर्शिता के खिलाफ है।

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