भोपाल। मध्यप्रदेश में कर्ज से परेशान 2 और किसानों ने पेड़ में फंदा डालकर फांसी लगा ली। पहली आत्महत्या मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह जिले सीहोर और दूसरी होशंगाबाद में हुई। राज्य में 18 दिनों के अंदर 31 किसान आत्महत्या कर चुके हैं। सीहोर के बिलकिसगंज के इमलीखेड़ा में 50 साल के किसान मारिया बारेला ने गुरुवार सुबह एक पेड़ में फंदा डालकर फांसी लगा ली।
पुलिस का कहना है कि आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं है कि किसान ने आत्महत्या क्यों की, पर मृतक के परिजनों का कहना है कि उस पर काफी कर्ज था। मुख्यमंत्री शिवराज के गृह जिले सीहोर में बीते 18 दिनों में किसान की आत्महत्या का यह सातवां मामला है।
वहीं, होशंगाबाद के पिपरिया थाना क्षेत्र के साडिया गांव में किसान 52 साल के गुलाब सिंह ने गुरुवार सुबह पेड़ में फंदा डालकर फांसी लगा ली। परिजनों का कहना है कि उस पर 2 लाख रुपये का कर्ज था, जिसके चलते वह तनाव में रहता था। पिपरिया थाने के प्रभारी कीरत धुर्वे ने कहा कि किसान का सुसाइड नोट मिला है, लेकिन उसमें उसने आत्महत्या का कारण नहीं लिखा है। पुलिस जांच कर रही है।
मध्यप्रदेश में कर्ज़ में डुबा किसान कर रहा जीवन का अंत, 18 दिनों में 31 आत्महत्याएं

More Stories
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम यात्रा का किया शुभारंभ,19 को गंगोत्री यमुनोत्री, 22 को केदारनाथ व 23 को बद्रीनाथ के खुलेंगे कपाट
पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता सुमित अंतिल ने द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता कोच पर लगाया उत्पीड़न का आरोप, नीरज चोपड़ा ने भी किया समर्थन
आबकारी इंदौर की अवैध मदिरा परिवहन पर प्रभावी कार्रवाई, 55 हजार रुपये से अधिक कीमत की मदिरा और वाहन जप्त