जम्मू बस स्टैंड ग्रेनेड हमले को अंजाम देने वाला आतंकी यासीर भट्ट नाबालिग निकला। उसकी उम्र 16 साल से भी कम है। इसी महीने की 12 तारीख को वह 16 साल का हो जाएगा। यासिर अपने 3 भाई-बहनों में सबसे बड़ा है। वह नौवीं क्लास में पढ़ता है और उसके पिता पेंटर हैं। यासिर गुरुवार को बस स्टैंड पर ग्रेनेड फेंकने के बाद भागते समय पकड़ा गया था। अधिकारियों ने बताया कि यासिर के आधार कार्ड, स्कूल रिकॉर्ड समेत पहचान से जुड़े दूसरे डॉक्यूमेंट में उसकी जन्मतिथि 12 मार्च, 2003 बताई गई है।
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने गुरुवार को यासिर से पूछताछ की, जिसमें यासिर ने कई खुलासे किए। उसने पुलिस को बताया कि वह हिजबुल मुजाहिदीन का आतंकी है। उसने ही हिज्ब कमांडर फारूख अहमद भट्ट के कहने पर बस पर ग्रेनेड फेंका था। इसके लिए उसे फारूख से ग्रेनेड और 50 हजार रुपये मिले थे। इससे यह संकेत मिलता है कि आतंकी ने जम्मू-कश्मीर में लोगों के बीच खौफ पैदा करने के लिए फिर नाबालिग लड़कों का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है।
9वीं के छात्र ने फेंका था बस पर ग्रेनेड, हिज्बुल से मिले 50 हजार

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