April 18, 2026

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24 लाख किसानों को सहकारी बैंक से लिए कर्ज पर 550 करोड़ का ब्याज होगा माफ

Madhya Pradesh : सरकार ने प्रदेश के 24 लाख किसानों का 550 करोड़ रुपए का ब्याज माफ करने का फैसला लिया है। शिवराज (Shivraj Singh Chauhan) कैबिनेट की मंगलवार को हुई बैठक में सहकारिता विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। प्रदेश के सहकारी बैंकों ने वर्ष 2019-20 में किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर 14 हजार करोड़ का कर्ज दिया था, लेकिन मूल राशि चुकाने की अवधि समाप्त होने के बाद किसानों को ब्याज देना पड़ता है।

अब किसानों को यह ब्याज नहीं चुकाना पड़ेगा। सरकार सहकारी बैंकों को यह राशि देगी। कैबिनेट के निर्णयों की जानकारी देते हुए गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि दुग्ध संघ को घाटे से उबारने के लिए 14.80 करोड़ के अनुदान देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। लॉकडाउन के कारण किसानों को दुग्ध संघ ने राशि का भुगतान नहीं किया था। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश का वित्तीय वर्ष 2021-22 का बजट पेपर लेस होगा। यह निर्णय कैबिनेट की बैठक में लिया गया है। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा विधानसभा में बजट टैबलेट से प्रस्तुत करेंगे।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी को पेपरलेस बजट संसद में पेश किया था। मध्य प्रदेश के अलावा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार सुबह ही यह घोषणा की है कि यूपी का बजट भी पेपरलेस होगा। राज्य सरकार लोक निर्माण विभाग में सड़क और निर्माण कार्य करने वाले ठेकेदारों को अर्नेस्ट मनी जमा करने में राहत दी है। कोरोना काल में लॉकडाउन की वजह से ठेकेदार काम नहीं कर पाए थे।

इस दौरान काम पिछड़ गया था, जिससे उन्हें पेनाल्टी लगने का डर था। केंद्र सरकार के निर्णय के बाद राज्य सरकार भी ठेकेदारों को राहत देते हुए अर्नेस्ट मनी जमा करने की सीमा 5 प्रतिषत से घटाकर 3 प्रतिषत कर दी है। इसके साथ ही ठेकेदारों को काम करने के लिए 6 माह का अतिरिक्त समय दिया गया है। इस प्रस्ताव को कैबिनेट ने स्वीकृति प्रदान कर दी है। इसके अलावा, कैबिनेट ने मैप आईटी को राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम मे मर्ज करने निर्णय लिया है।

बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि केंद्र सरकार की तरह ही मध्य प्रदेश का बजट भी आत्मनिर्भरता पर केंद्रित होगा। उन्होंने मंत्रियों से कहा कि वे अपने-अपने विभाग को आत्मनिर्भरता की तरफ लेकर जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र ने स्वास्थ्य के लिए 2 लाख करोड़ से ज्यादा राशि का प्रावधान किया है। स्वास्थ्य मंत्री प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करने के लिए केंद्र से ज्यादा से ज्यादा राशि प्राप्त करने के लिए प्रस्ताव तैयार करें। इसी तरह कुपोषण से लड़ने की नीति इस तरह तैयार करें कि केंद्र से ज्यादा राशि उपलब्ध हो सके। कैबिनेट बैठक के दौरान शिक्षा विभाग का प्रेजेंटेशन मंत्री इंदरसिंह परमार ने किया।

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