April 19, 2026

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स्वच्छता : इंदौर ने चौथी बार किया टॉप, उज्जैन आया प्रथम, इस कई शहर ने लिस्ट में आकर चौकाया

केन्द्रीय आवास एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने वर्चुअल स्वच्छता महोत्सव में स्वच्छ सर्वेक्षण.2020 के पुरस्कार वितरित किए। इंदौर देश के 4242 शहरों को पीछे छोड़ते हुए लगातार चौथी बार देश का स्वच्छतम शहर बना है।

भोपाल टॉप.10 में शामिल होने के साथ ही बेस्ट सेल्फ सस्टेनेबल कैपिटल श्रेष्ठ स्व.समर्थ राजधानी के रूप में चयनित हुआ है। सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले 100 से अधिक नगरीय निकाय वाले राज्यों की श्रेणी में मध्यप्रदेश को तीसरा स्थान मिला है। विभिन्न श्रेणी में मध्यप्रदेश को कुल 10 पुरस्कार मिले।

सफाई के मामले इंदौर लगातार चौथी बार नंबर-1 बन गया है। दूसरे नंबर पर गुजरात का सूरत और तीसरे नंबर महाराष्ट्र का नवी मुंबई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चुनाव क्षेत्र वाराणसी को बेस्ट गंगा टाउन घोषित किया गया है। स्वच्छता सर्वेक्षण-2020 लीग के तीनों क्वार्टर में भी इंदौर अव्वल रहा था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन सभी शहरों को बधाई, जिन्होंने स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 में शीर्ष स्थान हासिल किया। उन्होंने कहा कि अन्य शहरों को भी इसके लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। इस तरह की प्रतिस्पर्धात्मक भावना से स्वच्छ भारत मिशन मजबूत होता है और लाखों लोगों को फायदा मिलता है।

  • इंदौर चौथी बार बना नंबर वन।
  • भोपाल टॉप-10 में शामिल एवं देश की स्व.समर्थ स्वच्छता की राजधानी घोषित।
  • उज्जैन को किन्नर समुदाय की भागीदारी से बधाई से सफाई नवाचार के लिये विशेष पुरस्कार।
  • 10 लाख से अधिक जनसंख्या की श्रेणी में प्रदेश के 4 प्रमुख शहर शामिल।
  • एक लाख से 10 लाख की जनसंख्या श्रेणी में प्रदेश के सर्वाधिक 6 शहर।
  • मध्यप्रदेश के 16 में से 14 नगर निगम देश के टॉप शहरों में शामिल।
  • 10 नगर निगमों ने टॉप-25 में बनाई जगह।
  • प्रदेश के 35 अमृत शहरों में 24 ने टॉप में बनाई जगह।
  • पश्चिम जोन 25 से 50 हजार की जनसंख्या श्रेणी में टॉप 100 में से 19 शहर शामिल।
  • पश्चिमी जोन 50 हजार से 1 लाख की जनसंख्या श्रेणी में टॉप 100 में प्रदेश के 25 शहर शामिल।
  • प्रदेश को विभिन्न श्रेणियों में मिले 10 पुरस्कार।
  • 100 से ज्यादा अर्बन लोकल बॉडी वाले राज्यों में पहला स्थान छत्तीसगढ़ को मिला।
  • 100 से कम अर्बन लोकल बॉडी वाले राज्यों में पहला स्थान पर झारखंड रहा।
  • भारत के सबसे क्लीनेस्ट कैंट एरिया में पहला स्थान जालंधर को मिला।
  • 1 लाख से ज्यादा जनसंख्या वाले शहरों में उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में सबसे ज्यादा लोगों ने सर्वे में भाग लिया।
  • 1 लाख से कम जनसंख्या वाले शहरों में उत्तराखंड के नंदप्रयाग में सबसे ज्यादा लोगों ने सर्वे में भाग लिया।

1 लाख से कम आबादी वाले शहरों में टॉप 3 में महाराष्ट्र के कराड़, सासवड़ और लोनावला रहे।
इंदौर के लोगों ने स्वच्छता को न सिर्फ सराहा, बल्कि उनके जवाबों के कारण इंदौर फिर नं. 1 बन सका। इसका मतलब यह कि जो शहर दावा कर रहा है उसकी सच्चाई लोग ही बताएंगे। दूसरे शहरों ने तो खुद को बहुत ही अच्छा और साफ बताया, लेकिन लोगों ने निगेटिव फीडबैक दिया।

लोगों ने सिंगल यूज प्लास्टिक बैन किया। डिस्पोजल के स्थान पर बर्तन बैंक और थैलियों के विकल्प में झोला बैंक शुरू किया। इंदौर ने कचरा प्रबंधन शुल्क के 40 करोड़ वसूले। यह वह शिखर था जिसे कोई दूसरा शहर छू भी नहीं सका। यहां तक नं 2 रहे भोपाल में भी कचरा प्रबंधन शुल्क 15 करोड़ से ज्यादा नहीं बताया गया।

भोपाल शहर को विगत वर्ष 19वीं रैंक मिली थी। इस साल उसकी रैंकिंग में इजाफा हुआ है। अब भोपाल सातवें स्थान पर है। उज्जैन को नवाचार कैटेगिरी में बधाई से सफाई नवाचार के लिये प्रथम स्थान मिला है। एक लाख से अधिक जनसंख्या की श्रेणी में मध्यप्रदेश के सबसे अधिक 6 शहर शामिल हुए हैं। साथ ही मध्यप्रदेश के 14 नगर निगम देश के टॉप-100 शहरों में शुमार हुए है।

इनमें से 10 नगर निगम तो टॉप 25 में जगह बनाने में सफल हुए है। बुरहानपुर शहर को पिछले वर्ष 103 वीं रैंक मिली थी। इस वर्ष उसे सबसे तेजी से बढ़ते हुए शहर का पुरस्कार मिला है। नागरिकों की सकरात्मक प्रतिक्रियाओं में देश के सबसे बेहतर शहर का अवार्ड जबलपुर को मिला है। रतलाम नगर निगम को सिटीजन फीडबैक श्रेणी में पुरस्कृत किया गया है।

जबलपुर जिले की सिहोरा नगर पालिका को जमीनी जल का बेहतर उपयोग करने की श्रेणी में पुरस्कार प्राप्त हुआ है। सीहोर जिले की शाहगंज नगर पालिका को एक लाख से कम जनसंख्या की श्रेणी में टॉप-20 में जगह मिली है। देवास जिले की काटाफोड़ नगर पालिका को पश्चिमी जोन की 25 हजार की जनसंख्या श्रेणी में सबसे तेजी बढ़ते शहर का खिताब मिला है।

उल्लेखनीय है कि गत तीन सर्वेक्षण में भी मध्यप्रदेश के 20 शहर देश के सर्वश्रेष्ठ 100 शहरों में रहे हैं। स्वच्छ सर्वेक्षण.2020 में यह पुरस्कार नगरपालिक निगम इंदौर, जबलपुर, बुरहानपुर, रतलाम, उज्जैन, नगरपालिका परिषद सिहोरा जिला जबलपुर, नगरपालिक निगम भोपाल, नगर परिषद शाहगंज जिला सीहोर, नगर परिषद कांटाफोड़ जिला देवास और महू कैंट जिला इंदौर को मिला। वहीं खरगौन 5 वें स्थान पर आया है यह चौकाने वाले नतीजों में से एक है।

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