केंद्रीय महिला और बाल विकास मंत्री मेनका गांधी को भारतीय जनता पार्टी ने जिस सुल्तानपुर लोकसभा सीट से चुनाव मैदान में उतारा है, उससे उनका गहरा नाता है। इसकी जानकारी मेनका गांधी ने खुद सुल्तानपुर पहुंचकर दी। इस सीट से बीजेपी प्रत्याशी घोषित किए जाने के बाद शनिवार को पहली बार सुल्तानपुर पहुंचीं मेनका गांधी का पार्टी कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। वो अमेठी के रास्ते सुल्तानपुर में प्रवेश किया और पार्टी कार्यकर्ताओ के साथ रोड शो किया।
बीजेपी ने इस बार केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी और उनके बेटे वरुण गांधी की सीटें आपस में बदल दी है। वरुण गांधी उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर से सांसद हैं, लेकिन इस बार उन्हें पीलीभीत से टिकट दिया गया है। वहीं, पीलीभीत से सांसद मेनका गांधी को सुल्तानपुर संसदीय सीट से टिकट मिला है।
शनिवार बीजेपी नेता मेनका गांधी ने कहा कि सुल्तानपुर से उनका अभी का नहीं, बल्कि पुराना नाता है। पहले उनके पति संजय गांधी यहां से चुनाव लड़े थे और बाद में बेटे वरुण गांधी सुल्तानपुर लोकसभा सीट से चुनाव जीते। उनके पति संजय गांधी का सुल्तानपुर-अमेठी से पुराना लगाव था और उन्होंने अपने पति के साथ ही सुल्तानपुर से अपना राजनीतिक जीवन शुरू किया था।
शनिवार को सुल्तानपुर के तिकोना पार्क मे बूथ कार्यकर्ताओ और पार्टी पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी बेहद भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि जब मैं विधवा हुई तो मेरा बेटा वरुण गांधी 100 दिन का था। उस समय मैंने खुद को बहुत अकेला महसूस करते हुए भगवान के ऊपर सब कुछ छोड़ दिया था। आज मैं जो इतनी भारी कार्यकर्ताओं की सेना देख रही हूं और जो उनमें उत्साह दिखाई पड़ रहा है उससे हम लोकसभा चुनाव जीतेंगे।
सुल्तानपुर में भावुक हुईं मेनका गांधी, कहा पति और बेटे ने लड़ा था चुनाव

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