श्रीलंका में हुए राष्ट्रपति चुनाव के परिणाम आ चुके हैं। इस चुनाव में विपक्षी नेता गोताबाया राजपक्षे विजयी रहे हैं। गोताबाया की भारत विरोधी रुख के कारण श्रीलंका का यह चुनाव उसके लिए बेहद उपयोगी है। इसलिए भारत की नजर श्रीलंका पर टिकी है। हालांकि, भारत ने साफ कर दिया है श्रीलंका के साथ द्विपक्षीय सहयोगात्मक रिश्ता बनाने की कोशिश करेगा। इस सकारात्मक नजरिए के बावजूद भारत राजपक्षे की भावी नीतियों पर करीबी नजर रखेगा।
श्रीलंका में हुए चुनाव के नतीजों पर भारत की चिंता जायज है। दक्षिण एशिया मुल्कों में भारत और श्रीलंका के रिश्ते काफी अहम है। श्रीलंका की आंतरिक तथा वाह्य नीतियों का असर भारत पर सीधे पड़ेगा। यह भारत की आंतरिक राजनीति के साथ सुरक्षा एवं सामरिक हितों को भी प्रभावित करती हैं। खासकर तब जब श्रीलंकाई नेतृत्व एक ऐसे व्यक्ति के पास हो जिसका रुख भारत विरोधी रहा हो। ऐसे में यह चिंता और बढ़ जाती है।
श्रीलंका में राजपक्षे सत्ता पर, भारत की होगी पैनी नजर

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