खरगोन: रिश्वतखोरो पर लगातार लोकायुक्त पुलिस की कार्रवाई जारी हैं, कई रिश्वतखोर लोकायुक्त के हत्थे चढ़े है बावजूद रिश्वतखोर बेख़ौफ़ होकर रिश्वत मांगते ओर लेते जा रहे हैं। रिश्वतखोरी कम होने का नाम नही ले रही हैं। रिश्वतखोर रिश्वत लेने से बाज नही आ रहे है।
ऐसा ही रिश्वत लेंने का मामला मप्र के खरगोन जिले से आया हैं जहाँ एक श्रम विभाग में पदस्थ लेबर इंस्पेक्टर रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया हैं।
दरअसल खरगोन में श्रम विभाग के लेबर इंस्पेक्टर को लोकायुक्त पुलिस ने 80 हजार रु की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। निजी स्कूल के संचालक की शिकायत के बाद लोकायुक्त पुलिस ने जाल बिछाकर आरोपी लेबर इंस्पेक्टर को श्रम विभाग के कार्यालय स्थित कक्ष में रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
कोरोना काल के दौरान निजी स्कूल में कार्यरत शिक्षकों को शासन द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन दर से कम भुगतान किए जाने के मामले में श्रम विभाग के लेबर इंस्पेक्टर सपन गोरे के द्वारा निजी स्कूल का निरीक्षण कर रिपोर्ट के आधार पर वेतन के अंतर की राशि का भुगतान और क्षतिपूर्ति नहीं वसूलने के एवज में निजी स्कूल के संचालक से रिश्वत की मांग की गई थी। जिसके बाद निजी स्कूल के संचालक आदित्य जैन के द्वारा श्रम निरीक्षक की शिकायत लोकायुक्त पुलिस इंदौर को की गई थी।
जिसके बाद लोकायुक्त की टीम के द्वारा शिकायत की जांच के बाद इसे सही पाते हुए आज श्रम विभाग के कार्यालय स्थित आरोपी श्रम निरीक्षक सपन गोरे को कार्यालय में उनके कक्ष में 80 हजार रु की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
लोकायुक्त के द्वारा आरोपी के विरुद्ध धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण संशोधित अधिनियम के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर मौके पर कार्यवाही की गई।

More Stories
मप्र में भीषण सड़क हादसा, बस और ट्रक की टक्कर में 9 लोगों की मौत 24 घायल
जम्मू कश्मीर के कुलगाम में आतंकी और सुरक्षा बलों में मुठभेड़, सेना के 3 जवान व 1 पुलिसकर्मी घायल
मानहानि केस में शिवसेना सांसद संजय राउत दोषी करार, 15 दिन की जेल के साथ 25 हजार जुर्माने की सजा