राज्यसभा चुनाव के पहले गुजरात में सियासी हलचल तेज हो गई है। 19 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव से ठीक पहले गुजरात कांग्रेस में उस समय जबर्दस्त संकट खड़ा हो गया है जब दो और कांग्रेसी विधायकों ने इस्तीफा दे दिया। इसके साथ ही अब तक 6 कांग्रेस विधायक इस्तीफा दे चुके हैं। इससे पार्टी के दूसरी राज्यसभा सीट जीतने पर सवाल खड़ा हो गया है।
गुरुवार को अक्षय पटेल और जीतू चौधरी ने अपने इस्तीफे स्पीकर राजेंद्र त्रिवेदी को सौंपे। राज्य में सत्तारूढ़ बीजेपी के पास 103 विधायक हैं और उसने 3 उम्मीदवार खड़े किए हैं। विधानसभा की मौजूदा संख्या के हिसाब से एक राज्यसभा सीट जीतने के लिए 34 विधायक चाहिए। और इस गणित से बीजेपी के तीनों उम्मीदवार चुनाव जीत सकते हैं।
विपक्षी पार्टी कांग्रेस की बात करें तो उसने भरत सिंह सोलंकी और शक्ति सिंह गोहिल को अपना उम्मीदवार बनाया है। अब नए हालात ने कांग्रेस की उलझन बढ़ा दी है और पार्टी को तय करना होगा कि उसके विधायक पहली पसंद के वोट किसे डालें क्योंकि दूसरी पसंद के उम्मीदवार का रास्ता बेहद कठिन हो गया है। दूसरी तरफ बीजेपी ने पहले अभय भारद्वाज और रमिलाबेन बारा को ही मैदान में उतारा था, लेकिन ऐन वक्त पर नरहरि अमीन को तीसरे उम्मीदवार के रूप में उतार कर कांग्रेस के लिए परेशानी खड़ी कर दी है।
कांग्रेस के लिए मुश्किलें और बढ़ गई हैं क्योंकि एनसीपी के एकमात्र विधायक कंधाल जड़ेजा किसे वोट देंगे अभी ये तय नहीं है। पूर्व मुख्यमंत्री शंकर सिंह वाघेला ने भी आज ही राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि बीजेपी उसके विधायकों को तोड़ रही है। प्रतिपक्ष के नेता परेश धनानी ने आरोप लगाया है कि बीजेपी चुनाव जीतने के लिए राज्य मशीनरी और धन बल का इस्तेमाल कर रही है जबकि नरहरि अमीन ने इन आरोपों का खंडन किया है। उन्होंने कहा है कि आने वाले समय में कुछ और भी विधायक कांग्रेस छोड़ सकते हैं क्योंकि वे पार्टी से खफा हैं।

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