बहुचर्चित व्यापमं घोटाले को बहुत ही छोटा बताते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मेरे सत्ता में आने से पहले प्रदेश में सरकारी पदों पर होने वाली भर्तियों में 100 प्रतिशत फर्जीवाड़ा होता था। मुख्यमंत्री के रूप में 12 साल पूरे होने पर चौहान ने कहा कि मेरे 12 साल के कार्यकाल में प्रदेश के विभिन्न विभागों की विभिन्न पदों की लाखों भर्तियां हुई, लेकिन उनसे से केवल 1,700 गड़बड़ियां हुई।
उन्होंने दावा किया कि मेरे शासनकाल से पहले प्रदेश में सरकारी पदों पर होने वाली भर्तियों में 100 प्रतिशत फर्जीवाड़ा होता था। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने इस फर्जीवाड़ा को रोकने के लिए एक सिस्टम बनाया, जिससे सरकारी पदों पर मध्य प्रदेश व्यावसायिक परीक्षा मंडल के जरिये लिखित परीक्षा लेने के बाद पारदर्शी भर्ती हुई और यह फर्जीवाड़ा रुका।
शिवराज से प्रश्न पुछा गया था कि कांग्रेस हमेशा आप पर व्यापमं घोटाले में संलिप्तता का आरोप लगाती है। अब आपको क्लीन चिट मिल गई है। इस पर आपका क्या कहना चाहते है। जिस पर सीएम ने कहा कि देखिये मैं बहुत विस्तार में नहीं जाऊंगा, लेकिन अगर बहुत संक्षिप्त में समझना हो तो व्यापमं में मेरे शासनकाल से पहले जितनी परीक्षाएं होती थीं, उनमें भर्ती परीक्षा में कोई पारदर्शिता नहीं थी।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि मसलन पुलिस में आरक्षक की भर्ती होनी है तो इनकी भर्ती पुलिस अधीक्षक करता था या पुलिस महानिरीक्षक करता था। कोई पारदर्शी लिखित परीक्षा नहीं होती थी। वही लेते थे, वही भर्ती कर देते थे। 100 प्रतिशत फर्जीवाड़ा होता था।
साथ ही उन्होंने कहा कि पटवारी की भर्ती भी कलेक्टर करते थे, डिप्टी कलेक्टर कर देते थे। भर्ती के लिए कोई सिस्टेमैटिक व्यवस्था नहीं थी। शिक्षकों की भर्ती जनपद और जन पंचायत के लोग कर देते थे। इसमें मैंने एक सिस्टम बनाया। मैंने कहा परीक्षा होगी और लिखित परीक्षा होगी और मैरिट के आधार पर सरकारी पदों पर भर्ती होगी। व्यापमं ने वह परीक्षा ली, व्यवस्था बनाई।
चौहान ने माना कि हालांकि सिस्टम में गड़बड़ हुई। वह भी 1,700 गड़बड़ियां हुई जो कुछ भर्ती परीक्षाओं में हुई, जबकि मेरे 12 साल के कार्यकाल में लाखों भर्तियां हुई हैं। सिस्टम में किसी ने छेड़छाड़ की। जिन्होंने गड़बड़ की थी, उनको सजा मिल गई है। चौहान ने कहा कि ये गड़बड़ियां प्री-मेडिकल टेस्ट याने कि पीएमटी को छोड़कर हैं।
मुझसे पहले भर्तियों में होता था 100 प्रतिशत फर्जीवाड़ा : शिवराज

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