मां…
तुमने सिखाया चलना… तुम्हीं तो बचाती थी गिरने से …
तुमने सिखाया बोलना… तुम्हीं तो सुधारती थी गलतियां…
तुमने सिखाया लिखना… तुम्हीं तो हाथ पकड़ लिखाती थी…
….
वो बचपन जिसमें तुमने हमें सब सिखाया… जिससे हम आज काबिल बने…
पापा की डाट और दुनिया की बुराई से अब भी बचाती हो…
मां…
रिश्ते को बुलाने सिर्फ शब्द नहीं…
भगवान की वो रचना है. जिसके बिना किसी का कल नहीं…
अरे तुम्हारे बिना तो जिंदगी ही संभव नहीं…
Happy mother’s day ?
…हीना तिवारी

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