एक साथ कई रंगों में ठली,
नारी तो है अद्भूत फूल और कली,
हर तरफ छाया घोर-अंधेरा सूरक्षा को तेरी,
तू सूरज की वो किरन है जो फैलाए उजाला हर फेरी,
घने जंगल में भी दिखाए तू दिशा ये ही तो हिम्मत है तेरी,
घर बनाती तो दफ्तर में दिखाती है तू हुनर,
कई समस्याओं का झेले है तू समुंदर,
तो भी रहती शांति जैसे कुछ भी नहीं तेरे के मन के अंदर,
बेटी हो या मॉ हर रूप में समा जाती है तू,
ऐ नारी सच में अद्भूत है तू।
– हीना तिवारी, संपादक

More Stories
साधना सप्ताह में देश में तृतीय स्थान अर्जित करने पर जनसंपर्क विभाग को एमएसएमई मंत्री काश्यप ने सिविल सेवा दिवस पर किया पुरस्कृत
देवास पुलिस की नवाचार पहल “पुलिस चौपाल” को सीएम एक्सीलेंस अवार्ड
स्कूल शिक्षा विभाग को विभागीय उपलब्धि एवं उत्कृष्ट कार्य पर मिला सम्मान