April 23, 2026

News Prawah

UDYAM-MP-49-0001253

मप्र में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए उठाए जा रहे कदमो को लेकर राज्यसभा सांसद सुमेरसिंह सोलंकी ने सदन में किया सवाल

संसद के शीत कालीन सत्र के दौरान राज्यसभा सांसद डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी ने अतारांकित प्रश्न के माध्यम से मध्यप्रदेश में जैविक खेती के भू-क्षेत्र एवं सरकार द्वारा जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए उठाए जा रहे कदमो को लेकर जानकारी चाही गयी।

राज्यसभा सांसद डॉ. सुमेरसिंह सोलंकी के उक्त सवाल का लिखित जवाब देते हुए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि देश मे जैविक खेती के तहत कुल भू-क्षेत्र 59.12 लाख हेक्टेयर है।
देश मे अन्य राज्यो के साथ-साथ मध्यप्रदेश में भी जैविक खेती की जा रही है। मध्यप्रदेश में कुल 17. 31 लाख हेक्टेयर जैविक प्रमाणित क्षेत्र है। इसमें से 16.38 लाख हेक्टेयर जैविक क्षेत्र राष्ट्रीय जैविक उत्पादन कार्यक्रम (एनपीओपी) के तहत पंजीकृत है,जबकि शेष 0.93 लाख हेक्टेयर जैविक क्षेत्र भागीदारी गारंटी प्रणाली (पीजीएस) के तहत पंजीकृत है।

सरकार परम्परागत कृषि विकास योजना (पीकेविवाई) और पूर्वोत्तर क्षेत्र जैविक मूल्य श्रंखला विकास मिशन (एमओवीसीडीएनईआर) योजनाओं के माध्यम से देश मे जैविक खेती को वर्ष 2015-16 से बढ़ावा दे रही है। पीकेविवाई देशभर में पूर्वोत्तर राज्यों के अलावा मध्यप्रदेश सहित सभी राज्यों में क्रियान्वित की जा रही है। एमओवीसीडीएनईआर योजना विशेष रूप से पूर्वोत्तर राज्यों में क्रियान्वित की गई है। यह योजनाएं जैविक खेती यानी उत्पादन से लेकर प्रसंस्करण, प्रमाणन और विपणन और प्रसंस्करण सहित फसलोंपरांत प्रबंधन में लगे किसानों को शुरू से अंत तक सहायता प्रदान करती है। पीकेविवाई के तहत देश के विभिन्न राज्यों के किसानों को 3 वर्ष के लिए 50000 रू/हेक्टेयर की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है, जिसमे से ऑन-फॉर्म और ऑफ-फ्रॉम जैविक आदानो के लिए डीबीटी के माध्यम से सीधे किसानों को 31000 रु/हेक्टेयर 3 वर्ष की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।

एमओवीसीडीएनईआर के तहत, एफपीओ के गठन, जैविक आदानो गुणवत्ता युक्त वाले बीजो/रोपण सामग्री और प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और प्रमाणन के लिये किसानों को 3 वर्ष के लिए 46,575 रु/हेक्टेयर वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना के तहत ऑफ-फ्रॉम/ऑन-फ्रॉम जैविक आदानो के लिए किसानों को 3 वर्ष के लिए 32500 रु/हेक्टेयर की दर से वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।

Share to...