बंगाल की खाड़ी में उठे समुद्री तूफान फानी ने शुक्रवार को पुरी सहित ओडिशा के अन्य जिलों में जमकर तबाही मचाई। ओडिशा में तबाही मचाने के बाद चक्रवाती तूफान फानी आगे बढ़ गया है, पीछे रह गया है तो सिर्फ बर्बादी का मंजर। ओडिशा में फानी तूफान की वजह से अब-तक 12 लोगों की मौत हो गई है, जिसके बाद शनिवार को युद्धस्तर पर राहत कार्य शुरू किया गया है। वहीं फणि से निपटने की भारत की तैयारियों को संयुक्त राष्ट्र ने सराहा है।
राहत बचाव में लगे अधिकारियों के अनुसार आपदा के कारण मरने वालों की संख्या शुक्रवार तक 8 थी, शनिवार को मयूरभंज जिले में 4 लोगों के हताहत होने की वजह से मरने वालों की संख्या बढ़कर 12 हो गई है। बताया जा रहा है कि इन चारों लोगों की मौत बारिपदा में अलग-अलग स्थानों पर पेड़ गिरने की वजह से हुई।
भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के पूर्वोत्तर रीजन के मुख्यालय के अनुसार तूफान फानी की वजह से कुल 81 उड़ानें प्रभावित हुई हैं। सबसे ज्यादा 59 फ्लाइट्स गुवाहाटी से निरस्त की गई हैं। इसके अलावा अगरतला से 8, दिमापुर से 2, लिलाबारी से 2, डिब्रुगढ़ से 4 और इम्फाल से 6 उड़ानों को फानी तूफान की वजह से निरस्त किया गया है।
बंगाल की खाड़ी से उठे विनाशकारी चक्रवात फानी से निपटने की भारत की तैयारियों को संयुक्त राष्ट्र ने सराहा है। यूएन एजेंसी फॉर डिजास्टर रिस्क रिडक्शन ने चक्रवात का सटीक पूर्वानुमान लगाने और सही वक्त पर चेतावनी जारी करने के लिए भारत के मौसम विभाग की भी तारीफ की है। एजेंसी ने कहा कि इसी कारण लोगों को सही वक्त पर सुरक्षित स्थान पहुंचाना संभव हुआ और जिससे जानमाल का नुकसान कम हुआ।
फानी से निपटने के लिए यूएन ने की भारत की तारीफ, अब तक 12 मौत

More Stories
गोवा की साध्वी सैल ने जीता मिस इंडिया 2026 का खिताब, अब मिस वर्ल्ड में करेंगी मुकाबला
साधना सप्ताह में मप्र को अधिकतम पाठयक्रम पूरा करने राष्ट्रीय स्तर पर तीसरा स्थान
होर्मुज में भारतीय जहाज पर गोलीबारी के बाद भारत ने ईरानी राजदूत को किया तलब, दर्ज कराया विरोध