बुरहानपुर: मध्यप्रदेश में संविदा स्वास्थ्यकर्मियों के द्वारा दो सूत्रीय मांगों को लेकर पिछले करीब 12 दिनों से हड़ताल की जा रही है। संविदा स्वास्थ्य कर्मी विभिन्न तरीकों से विभिन्न प्रकार के प्रदर्शन कर अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं और सरकार से मांगे पुरी किये जाने की मांग कर रहे हैं। कभी खून से चिट्ठी लिखकर विरोध दर्ज करवाया जा रहा तो कभी भैंस के आगे बीन बजा कर तो कभी हवन कर मांगे पूरी की जाने की मांग की जा रही है।
प्रदेश के बुरहानपुर जिले में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने पीपीई कीट पहनकर विरोध जताया,अपनी मांगों को लेकर विरोध जता रहे कर्मचारी लगातार हड़ताल पर बैठे हैं।
बुरहानपुर जिले में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने पीपीई किट और मास्क पहनकर अपना विरोध जताया, संघ के जिला अध्यक्ष रविन्द्र सिंह राजपूत ने बताया कि चाइना और यूरोप के अन्य देशों में कोविड 19 के बढ़ते प्रकरणों को देखते हुए कोविड 19 कंट्रोल की पूर्व तैयारी हेतु पूरे भारत मे मॉक ड्रिल कराई गई, जिसमे मानव संसाधन, ऑक्सीजन, दवाइयां, लॉजिस्टिक परिवहन आदि की उपलब्धता एवं व्यवस्था सुनिश्चित की गई हैं। प्रदेश के सभी जिलों के 32000 संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर, ऐसे में शासन स्तर पर की मॉक ड्रिल किसी काम की नही, वही संविदा स्वास्थ्यकर्मी है, जिन्होंने कोविड 19 की तीनों लहरों में रात दिन अपनी सेवाएं दी, लेकिन आज सभी संविदा स्वास्थ्य कर्मी सड़को पर आने के लिए मजबूर है। पीपीई किट और मास्क कोविड से बचाव के लिये उपयोग में लाया जाता, शासन को संदेश देना चाहते है, संविदा स्वास्थ्य कर्मी आने वाली चौथी लहर की आहट को भांप गए है और कोविड कंट्रोल के लिए पूरी तरह से मुस्तैद है, यदि उनकी नियमितीकरण की मांग पूरी हो जाती है ,वे तत्काल और पूर्ववत रात दिन अपनी सेवाएं देने के लिए तैयार है।

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