April 19, 2026

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पद्मावती : ढाई घंटे चली मीटिंग, भंसाली को मिला 2 सप्ताह का समय

पद्मावती को लेकर मचा बवाल संजय लीला भंसाली का पीछा छोड़ने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को संसदीय कमेटी में करीब ढाई घंटे से ज्यादा देर तक भंसाली की पेशी हुई। भंसाली से कई सवाल किए गए। उन्हें कुछ सवालों के लिखित जवाब के लिए 2 हफ्ते का वक्त दिया गया है। बैठक में उनसे कहा कि लोग किसी फिल्म के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन फिल्म की वजह से समाज में कोई दिक्कत नहीं हो इसकी जिम्मेदारी सांसदों की है। सतीप्रथा को लेकर कमेटी ने भंसाली को घेरा।
बताया जा रहा है कि भंसाली ने कहा कि उनकी फिल्म इतिहास पर आधारित नहीं है बल्कि मलिक मोहम्मद जायसी की कविता पर आधारित है। हालांकि फिल्म को कई लोगों को दिखाए जाने के सवाल पर उनके पास कोई संतोषजनक जवाब नहीं था। मलिक मोहम्मद जायसी ने अवधी में पद्मावत नाम से एक महाकाव्य रचा था। यह रानी पद्मिनी की कहानी है। जिसके अनुसार रानी के रूप में मोहित सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी उन्हें किसी भी हाल में पाना चाहता था, इसके लिए उसने चित्तौड़ पर हमला किया, लेकिन हजारों राजपूत महिलाओं के साथ रानी पद्मिनी ने आग में कूदकर जौहर कर लिया था।
सेंसर बोर्ड के चीफ प्रसून जोशी ने कहा कि वह लोग इतिहास के पहलू को देखने के लिए एक एक्सपर्ट कमेटी बनाएंगे जो फिल्म को देखेगी। कथित तौर पर सती प्रथा के महिमामंडन को लेकर कमेटी ने भंसाली को घेरा। कमेटी ने सवाल किया कि क्या फिल्म में जौहर का दृश्य दिखाया गया है? क्या सती प्रथा को फिल्मों में दिखाया जा सकता है? इस तरह के सवालों के जवाबों पर भंसाली मौन रहे। अब उन्हें दो सप्ताह का वक्त दिया गया सभी सवालों का जवाब देने के लिए।

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