राज्यसभा सांसद डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी ने संसद के बजट सत्र के दौरान शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार से अपने अतारांकित प्रश्न के माध्यम से NCC/NSS को शिक्षा में अनिवार्य घटक के रूप में शामिल करने के सम्बंध में जानकारी मांगी।
सांसद डॉ. सोलंकी ने अपने सवाल में पूछा कि क्या नई शिक्षा नीति के तहत 6ठी से 8वी कक्षा तक राष्ट्रीय कैडेट कोर्स(NCC)/ राष्ट्रीय सेवा योजना(NSS) की शिक्षा प्रदान करने का कोई प्रस्ताव है ताकि अनुशासित छात्रों को उक्त शिक्षा के माध्यम से शिक्षित किया जा सके;
यदि हाँ, तो तत्सम्बन्धी ब्यौरा क्या है; यदि नही, तो क्या NCC/NSS की शिक्षा को भी अनिर्वाय शिक्षा में शामिल करने का प्रस्ताव है,तत्सम्बन्धी ब्यौरा क्या है; और यदि नही,तो इसके क्या कारण है?
राज्यसभा सांसद डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी के उक्त सवाल का लिखित जवाब देते हुए शिक्षा मंत्रालय में राज्य मंत्री डॉ. सुभाष सरकार ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 में अन्य बातों के साथ-साथ यह प्रावधान किया गया है कि रक्षा मंत्रालय के तत्वावधान में, राज्य सरकारें जनजातीय बहुल क्षेत्रों में स्थित स्कूलो सहित अपने माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में एनसीसी विंग खोलने को प्रोत्साहित कर सकती हैं। वर्तमान में रक्षा मंत्रालय द्वारा कक्षा 8वी और उसके बाद के छात्रों को स्वैच्छिक आधार पर एनसीसी प्रदान की जाती है। एनएसएस को वरिष्ठ माध्यमिक से लागू किया जाता है।

More Stories
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम यात्रा का किया शुभारंभ,19 को गंगोत्री यमुनोत्री, 22 को केदारनाथ व 23 को बद्रीनाथ के खुलेंगे कपाट
पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता सुमित अंतिल ने द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता कोच पर लगाया उत्पीड़न का आरोप, नीरज चोपड़ा ने भी किया समर्थन
आबकारी इंदौर की अवैध मदिरा परिवहन पर प्रभावी कार्रवाई, 55 हजार रुपये से अधिक कीमत की मदिरा और वाहन जप्त