सड़क हादसे के बाद उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता की हालत नाजुक बनी हुई है। हादसे के पांचवें दिन भी पीड़िता वेंटिलेटर के सहारे सांस ले रही है और उसकी हालत में कोई सुधार नहीं देखा जा रहा है, हालांकि उसके वकील महेंद्र सिंह की हालत में कुछ सुधार हो रहा है। केजीएमसी के प्रवक्ता डॉ संदीप तिवारी ने गुरुवार को बताया कि पीड़िता की हालत गंभीर बनी हुई है। डॉक्टरों की देखरेख में उसका इलाज चल रहा है। उन्होंने कहा कि दुर्घटना में पीड़िता की जैसी हालत हो गई, वैसी स्थिति में जल्दी सुधार नहीं आता है। उन्होंने बताया कि पीड़िता के वकील की सेहत में कुछ सुधार देखने को मिला है। 10 घंटे ऑक्सीजन के सहारे रखे जाने के बाद उन्हें कुछ देर के लिए वेंटिलेटर पर रखा गया।
गुरूवार को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कई अहम आदेश दिए। इस मामले से जुड़े सभी पांचों केस लखनऊ से दिल्ली ट्रांसफर करने के लिए कहा। सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत को निर्देश दिया है कि 45 दिन के भीतर सुनवाई पूरी करे। साथ ही इससे जुड़े सभी मामलों में रोजाना सुनवाई निचली अदालत में करने का आदेश दिया है, ताकि जल्द से जल्द पीड़िता को न्याय मिले।
उत्तर प्रदेश सरकार को सुप्रीम कोर्ट ने पीड़िता को अंतरिम मुआवजा के रूप में 25 लाख रुपये का मुआवजा देने का भी निर्देश दिया। कोर्ट ने सीआरपीएफ को तत्काल प्रभाव से पीड़ित परिवार के सदस्यों को सुरक्षा मुहैया कराने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि पीड़िता के परिवार के अलावा उन्नाव में रह रहे उनके सभी संबंधियों को सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए। रायबरेली की जेल में बंद दुष्कर्म पीड़िता के चाचा महेश सिंह को दिल्ली की जेल में स्थानांतरित किया जाएगा।
उन्नाव रेप पीड़िता की हालत अब भी नाजुक, वहीं कोर्ट ने दिया यह अहम फैसला

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