पुणे की आर्थिक अपराध शाखा ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ रविन्द्र मराठे को डीएसके ग्रुप को दिए गए 3000 करोड़ रुपये के मामले में गिरफ्तार कर लिया है। बैंक से कर्ज लेने के बाद कंपनी अब कर्ज वापस करने की स्थिति में नहीं है लिहाजा डिफॉल्ट के मामले की जांच कर रही आर्थिक अपराध शाखा ने यह कदम उठाया है।
एमडी और सीईओ के अलावा बैंक ऑफ महाराष्ट्र के कार्यकारी निदेशक आरके गुप्ता और बैंक के पूर्व सीएमडी सुशील मुहनोत को भी हिरासत में ले लिया गया है। आर्थिक अपराध शाखा का आरोप है कि बैंक के गिरफ्तार किए गए अधिकारियों की मिलीभगत कर्ज लेने वाली कंपनी के साथ थी जिसके चलते कंपनी को इतनी बड़ी रकम बतौर कर्ज आसानी से दे दी गई। लिहाजा, गिरफ्तार किए गए बैंक के अधिकारियों के खिलाफ बेइमानी, क्रिमिनल कॉन्सपिरेसी और ब्रेच ऑफ ट्रस्ट का मामला दर्ज किया गया है।
अब बैंक ऑफ महाराष्ट्र के सीईओ की बैंक घोटाले में हुई गिरफ्तारी

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