हिन्दू धर्म में अक्षय तृतीया का बड़ा महत्व है। इस दिन सोना खरीदने की प्रथा है। माना जाता है कि अक्षय तृतीया के दिन सौभाग्य और शुभ फल की प्राप्ति होती है। इस दिन जो भी काम किया जाता है उसका परिणाम शुभ होता है। इस बार अक्षय तृतीया 7 मई को मनाई जा रही है। वहीं, हिन्दू कैलेंडर के अनुसार बैसाख महीने की शुक्ल पक्ष तृतीया को अक्षया तृतीया मनाई जाती है। इसे अखाती तीज भी कहते हैं।
इस मुहूर्त में सोना खरीदना बहुत शुभ माना जाता है। जो 7 मई को सुबह 06रू26 से रात 11रू47 तक है।
मान्यता है कि अक्षय तृतीया के दिन जो भी दान किया जाता है उसका पुण्य कई गुना बढ़ा जाता है। इस दिन अच्छे मन से घी, शक्कर, अनाज, फल-सब्जी, इमली, कपड़े और सोने-चांदी का दान करना चाहिए। कई लोग इस दिन इलेक्ट्रॉनिक सामान जैसे कि पंखे और कूलर का दान भी करते हैं।
मान्यता है कि इस दिन विष्णु जी के अवतार परशुराम का धरती पर जन्म हुआ था। इसी वजह से अक्षय तृतीया को परशुराम के जन्मदिवस के रूप में भी मनाया जाता है। इसके अलावा अक्षय तृतीया को लेकर एक और मान्यता है कि इस दिन गंगा नदी स्वर्ग से धरती पर आईं थीं। इसी के साथ अक्षय तृतीया का दिन रसोई और भोजन की देवी अन्नपूर्णा का जन्मदिन भी माना जाता है। अक्षय तृतीया के दिन शादी से लेकर पूजा तक, सभी करना शुभ माने जाते हैं।
अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर मंगलवार को गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिर के कपाट खुलने के साथ ही उत्तराखण्ड के उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित चारधामों की यात्रा की शुरूआत हो जायेगी। केदारनाथ धाम के कपाट जहां 9 मई को खुलेंगे वहीं बद्रीनाथ मंदिर के कपाट 10 मई को खुलेंगे। उत्तरकाशी जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध गंगोत्री मंदिर के कपाट कल सुबह 11ः30 पर श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे जबकि यमुनोत्री धाम के कपाट रोहिणी नक्षत्र में दोपहर 1ः15 पर खोले जायेंगे।
अक्षय तृतीया, जानिए शुभ मुहूर्त, होगी चारधामों की यात्रा शुरूआत

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम यात्रा का किया शुभारंभ,19 को गंगोत्री यमुनोत्री, 22 को केदारनाथ व 23 को बद्रीनाथ के खुलेंगे कपाट