इंदौर: देवी अहिल्या विश्वविद्यालय की पत्रकारिता एवं जनसंचार अध्ययन शाला के द्वारा स्वावलंबी भारत अभियान के अंतर्गत युवा उद्यमी सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में अध्ययनशाला की विभाग अध्यक्ष डॉ सोनाली नरगुंदे ने कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डाला । उन्होंने कहा कि पूर्ण रोजगार युक्त भारत की संभावना एवं चुनौतियों पर बातचीत किए जाने की आवश्यकता है । हमें उन लोगों से सीखना होगा जिन्होंने अपने स्टार्टअप के माध्यम से सफलता की कहानी लिखी है ।
देवी अहिल्या विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ रेणु जैन ने स्वागत उद्बोधन देते हुए जानकारी दी कि विश्वविद्यालय के द्वारा संचालित किए जा रहे विभिन्न पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को बहुत अच्छा प्लेसमेंट मिल रहा है । हर साल ही हमारे विद्यार्थी सफलता के साथ बड़ी-बड़ी कंपनियों में कार्य करने के लिए जा रहे हैं ।
इस अवसर पर अपने संबोधन में स्वदेशी जागरण मंच के अखिल भारतीय सह संगठन सतीश कुमार ने कहा कि हमारे देश में कुल नौकरियों में सरकारी नौकरी 2.5% है । अर्ध सरकारी नौकरी 1.2% है और निजी क्षेत्र की नौकरी करीब 5% है । इस तरह से सभी नौकरियों को मिला दिया जाए तो कुल 8 से 9% नौकरी है। इसमें यदि हम कुछ समय के लिए मिलने वाली नौकरी को भी देखें तो वह भी करीब 9% ही होती है। ऐसे में देश के युवाओं को जीवन में पढ़ाई करना और फिर नौकरी पाना जैसा लक्ष्य छोड़ देना चाहिए। हमारे युवाओं को पढ़ाई और कमाई एक साथ करने का ध्येय अपनाना चाहिए ।
उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सभी युवाओं को स्वावलंबी बनने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने अपने उद्बोधन में वारेन बफेट, फ्लिपकार्ट एवम स्टीव जॉब्स का उदाहरण देकर यह समझाया कि हम अगर जुनून और मेहनत से किसी काम कों समझकर उसे करते है तो हमे सफलता अवश्य मिलती है। कमाई करने के लिए उम्र और शैक्षणिक योग्यता के मापदंड का इस्तेमाल करना गलत है। विश्व के 6 नंबर के सबसे अमीर व्यक्ति वारेन बफेट ने कमाई 11 वर्ष की आयु से शुरू की और एप्पल के संस्थापक स्टीव जॉब्स ने बिना कॉलेज की पढ़ाई किए अपने जुनून और मेहनत के दम पर इतना ऊंचा मुकाम हासिल किया।
इस कार्यक्रम में नए युवा उद्यमियों को सम्मानित भी किया गया । इसमें कुणाल कपूर, ब्रजनंदन शर्मा, राहुल वर्मा, कपिल यादव, विवेक मकवाना, सुधांशु मिश्रा, प्रेम कौल, पंकज बड़ोदिया, श्रेष्ठा गोयल, अजय सिंह, विनीत जैन और धुरवी आर्य शामिल थे ।
सभी सम्मानित उद्यमियों में सबसे आश्चर्य जनक रही 13 वर्ष की ध्रुवी आर्य । जिन्होंने अपनी मां के साथ मिलकर औद्योगिक गमला बनाकर एक सफल बिजनेस खड़ा किया। यह बालिका अभी आठवीं कक्षा में पढ़ रही है और प्रतिमाह ₹30000 कमा रही है।
कुछ उद्यमियों ने मंच पर आकर अपनी जीवनकथा का वर्णन किया और बताया कि कैसे संघर्ष करते हुए उन्हें सफलता मिली।
इस मौके पर किए गए संवाद में विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार अध्ययन शाला में अध्ययन करने वाले कई विद्यार्थी ऐसे भी सामने आए जो कि अभी कॉलेज में पढ़ाई करते हुए अच्छी कमाई भी कर रहे हैं ।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति आशुतोष मिश्रा, रजिस्ट्रार अजय वर्मा ,अखिल भारतीय स्वदेशी जागरण मंच के अखिल भारतीय प्रचार विभाग के सह प्रमुख धर्मेंद्र दुबे, राजस्थान के क्षेत्रीय संयोजक सतीश आचार्य, स्वदेशी आपका केंद्र भोपाल के क्षेत्रीय सह संयोजक सुधीर दाते, क्षेत्रीय संगठन केशव दुबौलिया, प्रांत के संपर्क प्रमुख विवेक दुबे, प्रांत संयोजक हरिओम वर्मा, प्रांत के सह संयोजक दिलीप चौहान भी उपस्थित थे।

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