August 17, 2026

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Wildlife Rescue Jabalpur: सपेरों के चंगुल से मुक्त कराए गए कोबरा सांप, वन्य प्राणी विशेषज्ञ अवि वर्षे और वन विभाग की टीम ने की कार्रवाई

मध्य प्रदेश के संस्कारधानी जबलपुर में नागपंचमी के अवसर पर वन्य प्राणी विशेषज्ञ अवि वर्षे और वन विभाग की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सपेरों से बेहद खतरनाक माने जाने वाले कई कोबरा सर्प बरामद किए हैं। इनमें सबसे बड़ा सांप लगभग 5 फीट लंबा कोबरा है। इस कार्रवाई के दौरान पकड़े गए सपेरों में दो महिलाएं, 3 बच्चे और 3 पुरुष शामिल हैं। पकड़े गए सभी मूक-बधिर व घायल सांपों का रेस्क्यू करने के बाद उनका इलाज कराया जा रहा है, और इसके पश्चात उन्हें सुरक्षित प्राकृतिक जंगल में छोड़ दिया जाएगा। वन विभाग द्वारा वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत इस अवैध गतिविधि पर सख्त रुख अपनाया गया है।

🚫 अंधविश्वास और क्रूरता: सिले हुए मुंह और तोड़े गए दांतों के साथ बेबस छोड़े जाते हैं सांप

नागपंचमी के दिन नाग दर्शन और पूजा की परंपरा के चलते कई लोग सपेरों के झांसे में आ जाते हैं। सपेरे जंगलों से सांप पकड़कर उन्हें अपनी टोकरी में रखते हैं और गली-मोहल्लों में घूमते हैं। हालांकि, यह पूरी तरह से गैरकानूनी और क्रूरता से भरा कृत्य है, क्योंकि सांप न तो दूध पीते हैं और न ही सुरक्षित रहते हैं। सपेरे पैसे कमाने के लालच में इन बेजुबान सांपों के मुंह सिल देते हैं और उनके जहर वाले दांत तक तोड़ देते हैं, जिसके कारण कुछ ही दिनों में भोजन न मिलने से इन मूक जीवों की दर्दनाक मौत हो जाती है। विशेषज्ञ अवि वर्षे की टीम ने रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक स्थलों पर तैनात रहकर इन अवैध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी।

⚖️ पचमढ़ी के जंगलों से लाए जाते हैं सांप, वाइल्डलाइफ एक्ट के तहत हो सकती है कड़ी सजा

पकड़े गए सपेरे लक्ष्मण ने पूछताछ में बताया कि वे नर्मदापुरम जिले के सोहागपुर (पचमढ़ी के जंगलों के पास) के रहने वाले हैं और पहली बार इस प्रकार सांप लेकर आए थे। नागपंचमी पर फन फैलाने वाले सांपों को दिखाने और उनकी पूजा कराने के नाम पर सपेरे आसानी से हजारों रुपये कमा लेते हैं। वाइल्ड लाइफ (प्रोटेक्शन) एक्ट, 1972 की धारा 51 के अनुसार, शेड्यूल-1 श्रेणी के वन्यजीव को पकड़ने पर 3 से 7 वर्ष की जेल और कम से कम 25,000 रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। पर्यावरणविदों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने भी अपील की है कि जीवित सांपों की जगह उनकी मूर्ति, तस्वीर या प्रतिकृति की पूजा की जानी चाहिए ताकि इन बेकसूर जीवों की जान बचाई जा सके।

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