आज के समय में सिर्फ पैसा कमाना ही काफी नहीं है, बल्कि अपनी खून-पसीने की कमाई को सही जगह निवेश करना भी उतना ही जरूरी है. हर कोई चाहता है कि उसकी बचत समय के साथ तेजी से बढ़े. जब बात निवेश की आती है, तो भारत में दो विकल्प सबसे ज्यादा लोकप्रिय हैं.फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और म्यूचुअल फंड. लेकिन निवेशक अक्सर इस बात को लेकर उलझन में रहता है कि अपना पैसा कहां लगाए. मान लें अगर आपके पास 5 लाख रुपये की एकमुश्त रकम है, जिसे आप 5 साल के लिए निवेश करना चाहते हैं, तो यह जानना बेहद जरूरी है कि सबसे ज्यादा फायदा कहां मिलेगा.
सुरक्षा का भरोसा देता है बैंक एफडी
भारतीय परिवारों में निवेश का सबसे पुराना तरीका बैंक एफडी रहा है. इसका सबसे बड़ा कारण सुरक्षा है. अगर आपका मूल मंत्र यह है कि निवेश पर चाहे रिटर्न थोड़ा कम मिले, लेकिन पैसा सुरक्षित रहना चाहिए, तो फिक्स्ड डिपॉजिट आपके लिए बेहतरीन विकल्प है. शेयर बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव का एफडी पर बिल्कुल असर नहीं पड़ता. अगर आप अपने 5 लाख रुपये बैंक एफडी में डालते हैं, जहां 6.5 प्रतिशत का सालाना ब्याज मिल रहा हो, तो 5 साल बाद आपको लगभग 1,90,210 रुपये सिर्फ ब्याज के तौर पर मिलेंगे. इस तरह मैच्योरिटी पूरी होने पर आपकी कुल रकम बढ़कर 6,90,210 रुपये हो जाएगी. यह उन निवेशकों के लिए एकदम सटीक है, जो बिना किसी तनाव के तयशुदा मुनाफा चाहते हैं.
म्यूचुअल फंड में है बंपर मुनाफे का चांस
दूसरी तरफ, अगर आप थोड़ा जोखिम उठाने की क्षमता रखते हैं, तो म्यूचुअल फंड एक शानदार जरिया साबित हो सकता है. म्यूचुअल फंड का पैसा शेयर बाजार से जुड़ा होता है, इसलिए इसमें लंबी अवधि में कंपाउंडिंग (चक्रवृद्धि) का जबरदस्त फायदा देखने को मिलता है. मान लीजिए कि आपने अपने 5 लाख रुपये किसी अच्छे म्यूचुअल फंड में 5 साल के लिए निवेश किए. अगर इस निवेश पर औसतन 12 प्रतिशत का सालाना रिटर्न मिलता है, तो आपकी अनुमानित कमाई करीब 3,81,170 रुपये होगी. यानी 5 साल बाद आपके 5 लाख रुपये की कुल वैल्यू बढ़कर 8,81,170 रुपये तक पहुंच सकती है. हालांकि, यहां यह ध्यान रखना बेहद जरूरी है कि म्यूचुअल फंड में रिटर्न की कोई लिखित गारंटी नहीं होती. बाजार का जोखिम हमेशा इसके साथ बना रहता है.
| साल (Year) | एफडी की कुल वैल्यू (6.5%) | म्यूचुअल फंड की कुल वैल्यू (12%) | दोनों में अंतर (MF का अतिरिक्त फायदा) |
| पहला साल | ₹5,33,338 | ₹5,60,000 | ₹26,662 |
| दूसरा साल | ₹5,68,893 | ₹6,27,200 | ₹58,307 |
| तीसरा साल | ₹6,06,819 | ₹7,02,464 | ₹95,645 |
| चौथा साल | ₹6,47,273 | ₹7,86,760 | ₹1,39,487 |
| पांचवां साल | ₹6,90,210 | ₹8,81,170 | ₹1,90,960 |
पैसा लगाने से पहले खुद से पूछें ये सवाल
अब बड़ा सवाल यह है कि आपको निवेश कहां करना चाहिए. आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी जगह पैसा लगाने से पहले अपनी वित्तीय जरूरत, निवेश की अवधि तथा जोखिम उठाने की क्षमता का आकलन करना चाहिए. आंकड़ों से साफ है कि म्यूचुअल फंड में एफडी के मुकाबले रिटर्न कहीं ज्यादा है, लेकिन इसमें रिस्क भी है. यदि आप अपनी पूंजी को लेकर रिस्क नहीं लेना चाहते, तो बेझिझक एफडी की राह चुनें. वहीं, अगर आपका लक्ष्य महंगाई को मात देकर वेल्थ क्रिएट करना है, तो म्यूचुअल फंड आपके लिए सही साबित होगा.

More Stories
Shah Rukh, Ajay & Tiger Vimal Ad Controversy: ‘मन्नत’ तक पहुंचा एफडीए का नोटिस, विमल इलायची विज्ञापन पर मांगा जवाब
Ananya Birla Svatantra Microfin IPO: देश की दूसरी सबसे बड़ी माइक्रोफाइनेंस कंपनी का IPO जल्द, जानें ऑफर फॉर सेल और फ्रेश इश्यू की पूरी डिटेल
India Russia Petrol Deal: यूक्रेन के हमलों से तबाह हुईं रूसी रिफाइनरियां, भारत की नायरा एनर्जी ने भेजा पेट्रोल का पहला बड़ा जत्था