भोपाल: मध्य प्रदेश में एक बार फिर भारी बारिश शुरू होने वाली है। मौसम विभाग ने मंगलवार को राज्य के 12 जिलों-जबलपुर, मंडला, डिंडौरी, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, देवास और सीहोर-में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। अगले 24 घंटे में इन क्षेत्रों में 4.5 इंच तक वर्षा होने की संभावना है, जिससे बाढ़ जैसे हालात बन सकते हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम फिर से सक्रिय हो गया है। इसके साथ ही मानसून टर्फ लाइन भी मध्य भारत के ऊपर बनी हुई है। 24 जुलाई से बंगाल की खाड़ी में एक नया लो प्रेशर एरिया बन रहा है, जो आगामी 4-5 दिनों तक मध्य प्रदेश के मौसम को पूरी तरह प्रभावित करेगा।
अब तक इस मानसून सीजन में मध्य प्रदेश में औसतन 20.7 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि सामान्य तौर पर इस समय तक केवल 13.2 इंच होनी चाहिए थी। यानी अब तक 7.5 इंच ज्यादा बारिश, जो 57% अधिक है। निवाड़ी, टीकमगढ़ और श्योपुर जैसे जिलों ने अपना बारिश का कोटा पहले ही पूरा कर लिया है।
सोमवार को इंदौर में 19 मिमी बारिश दर्ज की गई, वहीं सिवनी में भी इतनी ही वर्षा हुई। मलाजखंड, मंडला, उमरिया, खजुराहो और बालाघाट में आधा इंच तक बारिश दर्ज की गई। सागर, डिंडौरी, छिंदवाड़ा, ग्वालियर, सीहोर, उज्जैन सहित 25+ जिलों में मौसम में बदलाव देखा गया।
ग्वालियर, विदिशा, सीहोर, नरसिंहपुर और शहडोल जैसे जिलों में बारिश सामान्य के करीब पहुंच चुकी है। वहीं इंदौर, उज्जैन, आगर-मालवा, बुरहानपुर और शाजापुर जैसे इलाके अब भी मानसून की पूरी कृपा से वंचित हैं, जहां 10 इंच से भी कम बारिश हुई है।
प्रदेश के कुछ जिलों में अभी भी गर्मी अपना रौद्र रूप दिखा रही हैं। यहां तापमान 30 से ऊपर है तो वही धूप, उमस से लोग परेशान नजर आ रहे हैं। लोगो को बारिश का इंतजार हैं।
मौसम विभाग ने चेताया है कि 23 और 24 जुलाई को पूरे मध्य प्रदेश में भारी बारिश की आशंका है। जिला प्रशासन को सतर्क रहने, निचले इलाकों में निगरानी बढ़ाने और राहत टीमें तैयार रखने के निर्देश जारी किए गए हैं।

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