नईदिल्ली: वक्फ संशोधन विधेयक करीब 11 घण्टे से ज्यादा समय तक पक्ष विपक्ष के बीच चली चर्चा के बाद देर रात लोकसभा में पास हो गया है। देर रात 1.56 बजे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने ये ऐलान किया। बिल के पक्ष में 288 वोट पड़े, जबकि विरोध में 232 वोट पड़े। अब इसे राज्यसभा में भेजा जाएगा। बीजेपी की सहयोगी पार्टियों ने इस विधेयक का खुलकर समर्थन किया वहीं, विपक्ष ने बिल का विरोध किया।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि अल्पसंख्यकों के लिए भारत से ज्यादा सुरक्षित दुनिया में कोई जगह नहीं है और वे सुरक्षित हैं, क्योंकि बहुसंख्यक पूरी तरह से धर्मनिरपेक्ष हैं। वक्फ (संशोधन) विधेयक-2025 पर लगभग 12 घंटे तक चली बहस का जवाब देते हुए केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री रिजिजू ने कहा कि पारसी जैसे छोटे अल्पसंख्यक समुदाय भी भारत में सुरक्षित हैं और यहां सभी अल्पसंख्यक गर्व के साथ रहते हैं।
अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार (02 अप्रैल) को लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल 2025 पेश किया। जिसके बाद पक्ष-विपक्ष की चर्चा करीब 11 घंटे तक चली। फिर स्पीकर ओम बिरला ने सदन में ध्वनिमत कराया, जिसके बाद वोटिंग की प्रक्रिया शुरू हुई। इसके बाद बिल लोकसभा में पास हो गया।
देर रात 3 अप्रैल को वक्फ (संशोधन) विधेयक 2025 लोकसभा में पारित हुआ। विधेयक के पक्ष में 288 वोट, विधेयक के खिलाफ 232 वोट पड़े। स्पीकर ओम बिरला ने इसकी जानकारी दी। अब राज्यसभा में इस बिल को आज पेश किया जाएगा।
देर रात लोकसभा में वोटिंग के बाद वक्फ संशोधन बिल पास हो गया। लोकसभा में किरेन रिजिजू ने चर्चा को अंतिम भाषण के साथ खत्म किया। इस दौरान उन्होंने विपक्ष को घेरते हुए कहा कि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, “मैं सभी नेताओं को बिल के बारे में अपने विचार रखने के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं। कुछ नेता कह रहे हैं कि बिल असंवैधानिक है, और मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि वे कैसे कह सकते हैं कि बिल असंवैधानिक है।”
उन्होंने घेरते हुए आगे कहा कि अगर यह असंवैधानिक था, तो अदालत ने इसे रद्द क्यों नहीं किया? असंवैधानिक जैसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। बिल संविधान के खिलाफ नहीं है, जैसा कि विपक्ष ने दावा किया है। हमें ‘संवैधानिक’ और ‘असंवैधानिक’ शब्दों का इस्तेमाल इतने हल्के ढंग से नहीं करना चाहिए।
केंद्र सरकार ने वक्फ संशोधन बिल को ‘उम्मीद’ (यूनीफाइड वक्फ मैनेजमेंट इम्पावरमेंट, इफिशिएंसी एंड डेवलपमेंट) नाम दिया गया है। बिल को केंद्र सरकार में शामिल तेलुगु देशम पार्टी (TDP), जनता दल यूनाइटेड (JDU) और लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) का समर्थन मिला। वोटिंग के बाद यह बिल लोकसभा में पारित हो गया है।
वक्फ संशोधन विधेयक पर संयुक्त संसदीय समिति के अध्यक्ष और भाजपा सांसद जगदम्बिका पाल ने लोकसभा में चल रही बहस के दौरान कहा, “असदुद्दीन ओवैसी इस विधेयक को असंवैधानिक कहते हैं, लेकिन उन्होंने विधेयक को फाड़कर असंवैधानिक काम किया है। मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि विधेयक क्यों फाड़ दिया?”
इससे पहले गृह मंत्री अमित शाह ने वक्फ संशोधन विधेयक का समर्थन करते हुए कहा कि यह कानून मुसलमानों के खिलाफ नहीं है, बल्कि पारदर्शिता और प्रशासनिक सुधार के लिए लाया गया है। उन्होंने कहा, “इस बिल में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जिससे मुस्लिम समुदाय को उनके धार्मिक अधिकारों से वंचित किया जाए। विपक्ष केवल राजनीतिक फायदे के लिए इसे सांप्रदायिक रंग दे रहा है।”
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “आप (विपक्ष) इस देश को तोड़ दोगे। मैं इस सदन के माध्यम से देश के मुसलमानों से कहना चाहता हूं कि आपके वक्फ में एक भी गैर-मुस्लिम नहीं आएगा। इस कानून में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है लेकिन वक्फ बोर्ड और वक्फ परिषद क्या करेगी? वक्फ की संपत्तियां बेचने वालों को पकड़कर बाहर निकालेगी। वक्फ की आय गिरती जा रही है, जिसके माध्यम से अल्पसंख्यकों के लिए विकास करना है और उन्हें आगे बढ़ाना है, वो पैसा जो चोरी होता है, उसको वक्फ बोर्ड और परिषद पकड़ने का काम करेगी।”

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