उमरिया जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता को बढ़ावा देने और खुले में शौच की समस्या को समाप्त करने के उद्देश्य से सरकार द्वारा करोड़ों रुपये खर्च किए गए थे। जिले में लगभग 12 करोड़ 91 लाख 50 हजार रुपये की बड़ी राशि खर्च कर 369 सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराया गया था, जिसमें पाली जनपद में 77, करकेली में 160 और मानपुर जनपद में 132 शौचालय शामिल थे। हालांकि, आज ये शौचालय अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहे हैं। देखरेख के अभाव में ये शौचालय न केवल अनुपयोगी हो गए हैं, बल्कि चोरों ने इनमें लगी टंकियों और नलों की टोंटियों तक को चोरी कर लिया है, जिससे ये लाखों की संपत्ति अब मात्र एक ढांचा बनकर रह गई है।
🔒 ग्रामीणों ने कहा- देखरेख के अभाव में लटक रहे ताले, प्रशासनिक लापरवाही का खामियाजा भुगत रही जनता
ग्रामीण मोहनलाल बैगा ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया कि निर्माण के शुरुआती कुछ दिनों तक ग्रामीणों ने इनका उपयोग किया, लेकिन उचित रख-रखाव के अभाव में धीरे-धीरे सभी शौचालयों पर ताले लटक गए। समाजसेवी राम प्रकाश उपाध्याय ने भी प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि समय रहते इन शौचालयों की सुध ली जाती, तो आज ग्रामीण क्षेत्र और बाजार के लोगों को इस सुविधा का बड़ा लाभ मिलता। उनकी मानें तो प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही के कारण ही ये करोड़ों की परियोजनाएं आज सिर्फ ‘शो पीस’ बनकर रह गई हैं।
💬 कलेक्टर राखी सहाय का बयान: जल्द ही शौचालयों को सुधरवाकर चालू करने का करेंगे प्रयास
जब इस मामले को लेकर उमरिया कलेक्टर राखी सहाय से सवाल किया गया, तो उन्होंने स्थिति की गंभीरता को स्वीकार किया। कलेक्टर ने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी है कि अधिकांश सार्वजनिक शौचालय बंद पड़े हैं, कहीं टंकियां गायब हैं तो कहीं नल चोरी हो चुके हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस विषय को लेकर वे जिला पंचायत सीईओ के साथ बैठक करेंगी और आगामी समय में इन बंद पड़े सामुदायिक शौचालयों को पुनः चालू करने और उनकी मरम्मत कराने का हर संभव प्रयास करेंगी ताकि ग्रामीणों को बुनियादी सुविधा मिल सके।

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