उज्जैन। मध्य प्रदेश के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में देर रात सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट नजर आईं। आगामी ‘सिंहस्थ-2028’ के मद्देनजर मंदिर और महाकाल लोक की सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद बनाने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) के ब्लैक कैट कमांडो ने रात के अंधेरे में सुरक्षा अभ्यास (मॉक ड्रिल) किया। करीब ढाई घंटे तक चले इस हाई-प्रोफाइल ऑपरेशन में काल्पनिक आतंकी हमले की स्थिति पैदा कर सुरक्षा तैयारियों का बारीकी से परीक्षण किया गया, जिसमें 100 से अधिक एनएसजी कमांडो के साथ एटीएस, स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें शामिल रहीं।
🔦 रात 11 बजे से शुरू हुआ ऑपरेशन: अत्याधुनिक हथियारों से लैस कमांडो ने संभाला मोर्चा, तालमेल की परखी गई क्षमता
रात करीब 11 बजे महाकाल मंदिर के नीलकंठ और नंदी द्वार के आसपास हलचल तेज हो गई, जिसके बाद क्षेत्र को खाली कराकर लाइटें बंद कर दी गईं। अत्याधुनिक हथियारों से लैस एनएसजी कमांडो ने मानसरोवर क्षेत्र से त्रिनेत्र कंट्रोल रूम के बीच सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई, आतंकवादियों को बेअसर करने और श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकालने की प्रक्रिया का अभ्यास किया गया। एडिशनल एसपी आलोक शर्मा ने बताया कि देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को और पुख्ता करने के लिए विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल बेहद जरूरी है, जिसके तहत यह संयुक्त अभ्यास किया गया।

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