अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा के बैनर तले शिक्षकों की तीन सूत्रीय प्रमुख मांगों को लेकर राजधानी भोपाल के नीलम पार्क में चल रहा अनिश्चितकालीन धरना मंगलवार को 10वें दिन भी पूरी मजबूती के साथ जारी रहा। इस आंदोलन में अपनी आवाज बुलंद करने के लिए भोपाल संभाग के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में शिक्षक धरना स्थल पर पहुंचे। इस दौरान आंदोलन को धार देने के लिए कई जिलों के शिक्षक क्रमिक भूख हड़ताल पर भी बैठ गए हैं, जिससे सरकार पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
🧘♂️ भूख हड़ताल पर बैठे प्रमुख शिक्षक: सरकार से की मांग—केवल आवेदन की तारीख बढ़ाने से काम नहीं चलेगा
मिक भूख हड़ताल पर बैठने वाले शिक्षकों में विदिशा से पृथ्वी सिंह श्योर, कमल बैरागी, माधवी; रायसेन से गिरीश गौतम, भूपाल धाकड़, सतेंद्र गौर तथा राजगढ़ से सुरेश डांगी, महेश बैरागी एवं राजेश शर्मा शामिल रहे। भूख हड़ताल पर बैठे शिक्षकों ने दोटूक शब्दों में कहा कि सरकार ने भले ही टीईटी (TET) आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा दी हो, लेकिन इससे समस्या का समाधान नहीं होने वाला है। जब तक सरकार उनकी मूल मांगों पर कोई ठोस और सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक यह आंदोलन यूं ही जारी रहेगा।
⚖️ क्या हैं संयुक्त मोर्चा की मुख्य मांगें? वक्ताओं ने सरकार से की शीघ्र निर्णय लेने की अपील
धरना स्थल पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए जगदीश यादव, राकेश दुबे, मनोहर दुबे और राकेश पटेल समेत कई वक्ताओं ने कहा कि शिक्षक अपने अधिकार, सम्मान और भविष्य की सुरक्षा के लिए पूरी तरह लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष कर रहे हैं। संयुक्त मोर्चा की प्रमुख मांगों में मुख्य रूप से टीईटी परीक्षा से मुक्ति और उसकी अनिवार्यता को पूरी तरह समाप्त करना, शिक्षकों पर इसके लिए किसी भी प्रकार का दबाव न बनाना तथा नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता प्रदान किया जाना शामिल है। शिक्षकों ने सरकार से अपील की है कि वे जल्द से जल्द इन मांगों पर विचार कर सकारात्मक निर्णय लें।

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