मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले की चर्चित विजयपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के बाद से लगातार राजनीतिक हलचल बनी हुई है। चुनाव जीतने वाले कांग्रेस के विधायक मुकेश मल्होत्रा के खिलाफ पराजित भाजपा प्रत्याशी रामनिवास रावत ने ग्वालियर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। आरोप लगाया गया था कि मुकेश मल्होत्रा ने अपने नामांकन हलफनामे में आपराधिक मामलों से जुड़ी जानकारी छिपाई है। हाईकोर्ट ने निर्वाचन को शून्य घोषित करते हुए रामनिवास रावत को विधायक घोषित कर दिया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट से इस पर स्टे मिलने के बाद अब आज इस मामले की महत्वपूर्ण सुनवाई होनी है।
⚖️ क्या है पूरा कानूनी विवाद और हाई कोर्ट का फैसला?
बीजेपी प्रत्याशी रामनिवास रावत द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए ग्वालियर हाईकोर्ट ने माना था कि महत्वपूर्ण जानकारियां छिपाए जाने से मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हुए हैं। इसी आधार पर अदालत ने मुकेश मल्होत्रा का निर्वाचन निरस्त कर दिया था और दूसरे स्थान पर रहे रामनिवास रावत को विधायक घोषित करने का आदेश दिया था। इस झटके के बाद मुकेश मल्होत्रा ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, जहां 19 मार्च 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें बड़ी राहत देते हुए हाईकोर्ट के आदेश के अमल पर रोक लगा दी थी और उन्हें विधायक बने रहने की अनुमति दी थी।
📊 सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिकी हैं विजयपुर की राजनीतिक निगाहें
सुप्रीम कोर्ट की कॉज लिस्ट में इस मामले की सुनवाई दर्ज है। यदि सुप्रीम कोर्ट का अंतिम फैसला कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा के पक्ष में आता है, तो उनकी विधायकी सुरक्षित बनी रहेगी। वहीं, यदि हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा जाता है, तो विजयपुर विधानसभा क्षेत्र की राजनीतिक स्थिति में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। साल 2024 के विजयपुर उपचुनाव में कांग्रेस के टिकट पर जीत दर्ज करने वाले मुकेश मल्होत्रा के भविष्य को लेकर आज की सुनवाई बेहद अहम मानी जा रही है।

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