मध्य प्रदेश का शहडोल एक प्रमुख आदिवासी बाहुल्य जिला है, जहाँ के अधिकांश रकबे में कोदो और कुटकी की खेती की जाती है। यहाँ इसकी बंपर पैदावार होने की मुख्य वजह यह है कि यह फसल कम पानी और कम गहरे खेतों में भी आसानी से तैयार हो जाती है। यदि आपने भी इस वर्ष कोदो या कुटकी की फसल उगाई है और सरकार को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर बेचकर तगड़ा मुनाफा कमाना चाहते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। शासन द्वारा निर्धारित पंजीयन की अंतिम तिथि नजदीक आ चुकी है, ऐसे में किसान बिना किसी देरी के अपना रजिस्ट्रेशन अवश्य करा लें।
📅 6 अक्टूबर से शुरू हुआ था पंजीयन; खरीफ वर्ष 2026-27 के लिए ई-उपार्जन पोर्टल पर चल रही प्रक्रिया
पंजीयन की अवधि और दरें:
- योजना का नाम: मध्य प्रदेश शासन की महत्वाकांक्षी रानी दुर्गावती श्री अन्न प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत खरीफ वर्ष 2026-27 के लिए कोदो और कुटकी के उपार्जन (खरीद) हेतु पंजीयन प्रक्रिया चल रही है।
- MSP दर: शहडोल कृषि विभाग के उप संचालक के.एस. यादव ने जानकारी दी है कि इस योजना के तहत कोदो का समर्थन मूल्य 2600 रुपये प्रति क्विंटल तथा कुटकी का समर्थन मूल्य 3600 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। किसानों का यह पंजीयन आधिकारिक ई-उपार्जन पोर्टल (
www.mpeuparjan.nic.in) पर किया जा रहा है।
💻 ग्राम पंचायत और सहकारी समितियों पर निःशुल्क पंजीयन की सुविधा; एमपी ऑनलाइन से भी करा सकते हैं आवेदन
पंजीयन के केंद्र और आवश्यक दस्तावेज:
- निःशुल्क व्यवस्था: किसानों की सुविधा के लिए ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत, तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केंद्रों तथा सहकारी समितियों द्वारा संचालित पंजीयन केंद्रों पर पूरी तरह निःशुल्क रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था की गई है।
- सशुल्क विकल्प: इसके अतिरिक्त किसान भाई चाहें तो एमपी ऑनलाइन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), लोक सेवा केंद्र या निजी साइबर कैफे के माध्यम से सशुल्क पंजीयन भी करवा सकते हैं।
- जरूरी कागजात: पंजीयन के लिए किसानों को अपना आधार कार्ड, बैंक पासबुक की छायाप्रति और भूमि से जुड़े खसरा-खतौनी जैसे दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।
📢 कृषि विभाग की किसानों से अपील; समय सीमा से पहले कराएं रजिस्ट्रेशन ताकि मिले सही दाम
प्रशासनिक निर्देश और अपील:
- कृषि विकास विभाग ने शहडोल जिले के सभी अन्नदाताओं से पुरजोर अपील की है कि निर्धारित अंतिम तिथि से पहले अपनी कोदो और कुटकी फसल के उत्पादन के लिए पंजीयन अवश्य करवा लें।
- सही समय पर पंजीयन होने से किसान अपनी फसल को सरकारी समर्थन मूल्य पर बेचकर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकते हैं और बेहतरीन आमदनी हासिल कर सकते हैं।

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