सदी की सबसे भीषण बाढ़ की त्रासदी के जख्मों से अभी धार्मिक नगरी चित्रकूट पूरी तरह उबर भी नहीं पाया था कि रविवार रात से एक बार फिर शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने स्थानीय लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। सोमवार सुबह आरोग्य धाम के पास मंदाकिनी नदी का जलस्तर 137.05 मीटर दर्ज किया गया और इसमें लगातार बढ़ोतरी जारी है। नदी के जलस्तर में हो रहे इस इजाफे और आसमान से बरस रहे पानी ने बाढ़ से प्रभावित हुए लोगों के दिलों में एक बार फिर डर पैदा कर दिया है। बीते शनिवार को मंदाकिनी नदी में आई भयंकर बाढ़ ने भारी तबाही मचाई थी, और जब लोग पानी उतरने के बाद अपने घरों व दुकानों को संभालने में जुटे थे, तब इस नए दौर की बारिश ने उनकी नींद उड़ा दी है।
🍞 भोजन और साफ पानी का गंभीर संकट, स्थानीय लोगों ने प्रशासन की सुस्ती पर उठाए सवाल
बाढ़ के बाद से ही कई प्रभावित इलाकों में भोजन, पीने के शुद्ध पानी और कपड़ों की भारी किल्लत बनी हुई है। बेघर हुए परिवार राहत और बचाव दलों से मदद की आस लगाए बैठे हैं। हालांकि, स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि हाल ही में हुए मुख्यमंत्री के चित्रकूट दौरे के बावजूद जमीनी स्तर पर राहत एवं राहत कार्यों में उतनी तेजी नजर नहीं आ रही है जितनी की आवश्यकता है। पानी उतरने के बाद सामने आए तबाही के खौफनाक दृश्यों ने लोगों के सामने पुनर्वास और रोजमर्रा की बुनियादी जरूरतों का गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। लोग एक बार फिर सुरक्षित ठिकानों की ओर जाने के लिए मजबूर हो रहे हैं।
🌧️ सतना जिले में सामान्य से 151.8 मिमी अधिक बारिश दर्ज, कलेक्टर ने दिए हाई अलर्ट के निर्देश
उधर, पूरे सतना जिले में भी बारिश का दौर बदस्तूर जारी है। सोमवार सुबह 8 बजे तक जिले में औसतन 23.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई। 1 जून से लेकर 31 अगस्त तक जिले की कुल औसत वर्षा 1043.5 मिमी तक पहुँच चुकी है, जबकि यहाँ की सामान्य औसत वर्षा 891.7 मिमी है यानी इस बार सामान्य से करीब 151.8 मिमी अधिक बारिश हो चुकी है। सोहावल में 37 मिमी, बिरसिंहपुर में 35 मिमी, बरौंधा में 27 मिमी, रामपुर बाघेलान में 27.6 मिमी और सतना में 24.9 मिमी बारिश दर्ज की गई है। इस लगातार होती बारिश को देखते हुए जिला कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने आपदा प्रबंधन टीम और तमाम संबंधित अधिकारियों को पूरी तरह हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं, जबकि चित्रकूट के लोगों की निगाहें लगातार मंदाकिनी के बढ़ते जलस्तर पर टिकी हुई हैं।

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