नईदिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांच देशों की यात्रा के बाद वापस लौट आए हैं। उनका विमान आज गुरुवार सुबह पालम एयरपोर्ट पर उतरा। पीएम मोदी ने अपने आठ दिवसीय दौरे के दौरान घाना, त्रिनिदाद और टोबैगो, अर्जेंटीना, ब्राजील और नामीबिया सहित पांच देशों की यात्रा की। उन्होंनें ब्राजील के रियो डी जेनेरियो में 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भी भाग लिया।
पीएम मोदी का तीन अफ्रीकी देशों (घाना, त्रिनिदाद और नामीबिया) का दौरा ग्लोबल साउथ के सशक्तिकरण के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण था। पीएम मोदी दो से तीन जुलाई तक घाना के दौरे पर थे। यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की घाना की 30 वर्षों में पहली यात्रा थी। घाना के राष्ट्रपति जॉन महामा ने उनका स्वागत किया। इस दौरान पीएम मोदी ने राष्ट्रपति महामा और उपराष्ट्रपति प्रोफेसर नाना जेन ओपोकु-अग्येमांग के साथ मुलाकात की। दोनों देशों ने अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का फैसला किया। पीएम मोदी ने घाना की संसद को संबोधित भी किया। घाना को अफ्रीका का वैक्सीन हब बनाने के लिए भारत के सहयोग पर चर्चा हुई।
घाना के राष्ट्रपति जॉन महामा ने मोदी को ‘द ऑफिसर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द स्टार ऑफ घाना’ से सम्मानित किया, जो घाना का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है। यह सम्मान भारत-घाना संबंधों को मजबूत करने और वैश्विक दक्षिण में योगदान के लिए दिया गया।
पीएम मोदी घाना के बाद त्रिनिदाद और टोबैगो के दौरे पर गए। यह 1999 के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की त्रिनिदाद एवं टोबैगो की पहली द्विपक्षीय यात्रा थी। 2025 में भारतीय मजदूरों के वहां पहुंचने की 180वीं वर्षगांठ मनाई जा रही थी। प्रधानमंत्री कमला प्रसाद बिसेसर और उनके मंत्रिमंडल ने हवाई अड्डे पर मोदी का गार्ड ऑफ ऑनर के साथ स्वागत किया।
पीएम मोदी ने राष्ट्रपति क्रिस्टीन कार्ला कंगालू और प्रधानमंत्री कमला बिसेसर के साथ मुलाकात की। दोनों देशों ने छह समझौतों पर हस्ताक्षर किए, जिनमें बुनियादी ढांचा, फार्मास्युटिकल्स, और सांस्कृतिक सहयोग शामिल थे।
पीएम मोदी ने त्रिनिदाद और टोबैगो की संसद को संबोधित किया, जहां उन्होंने दोनों देशों के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, और क्रिकेट के रिश्तों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृतियों के बीच गहरा सामंजस्य हमारी ताकत है। त्रिनिदाद और टोबैगो सरकार ने मोदी को ‘द ऑर्डर ऑफ द रिपब्लिक ऑफ त्रिनिदाद एंड टोबैगो’ से सम्मानित किया, जो इस देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है। यह सम्मान भारत और त्रिनिदाद के बीच सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों को मजबूत करने के लिए दिया गया।
वह त्रिनिदाद एवं टोबैगो के बाद अर्जेंटीना के दौरे पर गए। यह 57 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की अर्जेंटीना की पहली द्विपक्षीय यात्रा थी। इस दौरान पीएम मोदी ने राष्ट्रपति जेवियर माइली के साथ मुलाकात की, जिनसे वह पिछले वर्ष भी मिले थे। दोनों नेताओं ने कृषि, महत्वपूर्ण खनिज, तेल और गैस, ऊर्जा, व्यापार, पर्यटन, और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।
अर्जेंटीना में चल रहे आर्थिक सुधारों के बीच यह यात्रा महत्वपूर्ण थी। भारत और अर्जेंटीना ने G20 में सहयोग और भारत-MERCOSUR व्यापार समझौते को विस्तार देने पर विचार किया।
पीएम मोदी ने रियो डी जनेरियो में 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया। उन्होंने ब्रासीलिया में राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा के साथ मुलाकात की, जो 1968 के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली द्विपक्षीय यात्रा थी। दोनों नेताओं ने रक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा, और भारत-MERCOSUR व्यापार समझौते के विस्तार पर चर्चा की।
पीएम मोदी के पांच देशों की यात्रा का आखिरी चरण नामीबिया था। यह 27 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की नामीबिया की पहली यात्रा थी और राष्ट्रपति नेटुम्बो नांदी-न्डैतवाह के कार्यकाल में पहली द्विपक्षीय राजकीय यात्रा थी। विंडहोक में मोदी का गार्ड ऑफ ऑनर और भारतीय प्रवासियों द्वारा गर्मजोशी से स्वागत किया गया। मोदी ने नामीबियाई संसद को संबोधित भी किया।
नामीबिया के राष्ट्रपति नेटुम्बो नांदी ने पीएम मोदी को ‘ऑर्डर ऑफ द मोस्ट एंशिएंट वेल्वित्चिया मिराबिलिस’ से सम्मानित किया, जो नामीबिया का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है। मोदी ने इस सम्मान को भारत-नामीबिया मित्रता और नामीबियाई लोगों को समर्पित किया।

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