असम: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल से असम ओडिशा के दो दिवसीय दौरे पर हैं। आज प्रधानमंत्री ने असम को 11,600 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं की सौगात देने के बाद एक जनसभा को संबोधित किया।
इस दौरान पीएम मोदी ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि आजादी के बाद सत्ता में रहने वाले लोग पूजा स्थलों के महत्व को नहीं समझ सके और राजनीतिक कारणों से अपनी ही संस्कृति पर शर्मिंदा होने की प्रवृत्ति स्थापित की। उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में स्थिति बदल गई है। कोई भी देश अपने अतीत को मिटाकर प्रगति नहीं कर सकता।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमारे तीर्थ, हमारे मंदिर, हमारी आस्था के स्थान… ये सिर्फ दर्शन करने की स्थली ही नहीं हैं। ये हज़ारों वर्षों की हमारी सभ्यता की यात्रा की अमिट निशानियां हैं। भारत ने हर संकट का सामना करते हुए कैसे खुद को अटल रखा, ये उसकी साक्षी हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा की डबल इंजन सरकार ने ‘विकास और विरासत’ को अपनी नीति का हिस्सा बनाया है।
पीएम ने कहा कि अयोध्या में भव्य आयोजन के बाद मैं अब यहां मां कामाख्या के द्वार पर आया हूं। आज मुझे यहां मां कामाख्या दिव्यलोक परियोजना का शिलान्यास करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। इस दिव्यलोक की जो कल्पना की गई है, मुझे उसके बारे में विस्तार से बताया गया है। जब ये बनकर पूरा होगा तो ये देश और दुनियाभर से आने वाले मां के भक्तों को असीम आनंद से भर देगा।
मैं कल शाम को यहां आया, जिस प्रकार से गुवाहाटी के लोगों ने सड़कों पर आकर स्वागत-सम्मान किया, सभी हमे आशीर्वाद दे रहे थे। मैं आप सभी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। आपका ये प्यार और अपनापन मेरी बहुत बड़ी अमानत है।
पीएम मोदी ने कहा कि उन्होंने जिन परियोजनाओं का अनावरण किया, उनसे न केवल पूर्वोत्तर, बल्कि शेष दक्षिण एशिया में भी कनेक्टिविटी मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में असम में शांति लौटी है और 7,000 से अधिक लोग हथियार डालकर मुख्यधारा में लौट आए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले दशक में रिकॉर्ड संख्या में पर्यटकों ने इस क्षेत्र का दौरा किया है।

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